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सोहराबु्द्दीन केस: पुलिसकर्मियों को आरोपमुक्त करने के खिलाफ याचिकाओं की 4 जुलाई से सुनवाई

सीबीआई के वकील ने बताया कि जस्टिस बदर ने कहा कि इन पुनरीक्षण याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख 4 जुलाई निर्धारित की गई है

Updated On: Jun 20, 2018 05:31 PM IST

Bhasha

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सोहराबु्द्दीन केस: पुलिसकर्मियों को आरोपमुक्त करने के खिलाफ याचिकाओं की 4 जुलाई से सुनवाई
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बॉम्बे हाईकोर्ट सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले के आरोपी कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 4 जुलाई से फिर सुनवाई शुरू करेगा.

सोहराबुद्दीन के भाई रूबाबुद्दीन की 3 याचिकाओं और सीबीआई की 2 याचिकाओं पर पूरी तरह से सुनवाई नहीं हो पाई थी. फरवरी में अचानक ही हाईकोर्ट के कुछ जजों का काम बदल दिए जाने की वजह से ऐसा हुआ था.

हालांकि, याचिकाकर्ता और प्रतिवादियों (आरोपमुक्त पुलिस अधिकारियों) के वकीलों ने बुधवार को जस्टिस ए एम बदर की सिंगल बेंच (एकल पीठ) के सामने संयुक्त रूप से इन याचिकाओं का जिक्र किया.

सीबीआई के वकील संदेश पाटिल ने बताया कि इस पर जस्टिस बदर ने कहा कि इन पुनरीक्षण याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख 4 जुलाई निर्धारित की.

बता दें कि फरवरी में जस्टिस रेवती मोहीते देरे की एकल पीठ पुनरीक्षण याचिकाओं की सुनवाई रोजाना आधार पर कर रही थी. रूबाबुद्दीन ने इस मामले में आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा, दिनेश एमएन और राजकुमार पांडियन को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती दी है.

वहीं, सीबीआई ने गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी एन के अमीन और राजस्थान पुलिस के कॉन्स्टेबल दलपत सिंह राठौड़ को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती दी है.

सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी का दिसंबर 2005 में गुजरात और राजस्थान पुलिस की एक टीम ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था और उनकी हत्या कर दी थी.

एक साल बाद उनके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की कथित तौर पर राजस्थान पुलिस के कुछ अधिकारियों ने हत्या कर दी. सीबीआई की जांच में दोनों घटनाओं को फर्जी मुठभेड़ बताया गया और इसमे 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था.

इसके बाद शहर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने इन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित 14 लोगों को मामले में आरोपमुक्त कर दिया था.

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