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अब अजगर बदल रहा है भारतीय रेलवे का चेहरा

ये ट्रेन बहुत लंबी होती हैं और स्पीड से चलने पर सांप की तरह दिखाई देती है. इसीलिए इसका नाम सांपों के नाम पर रखा गया है

FP Staff Updated On: Sep 25, 2017 04:20 PM IST

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अब अजगर बदल रहा है भारतीय रेलवे का चेहरा

भारतीय रेल, वह भी समय से, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता हो. लेकिन भारतीय रेल का चेहरा अब 'सांप' और 'अजगर' बदलने जा रहे हैं.

हुआ यूं है कि लंबी दूरी की कुछ मालगाड़ी को इनका नाम दिया गया है. जैसे उत्तर मध्य रेलवे की 'पाइथन' और पश्चिमी रेलवे की 'एनाकोंडा', मध्य रेलवे की 'मारुति' कम समय और खर्च में जल्दी सामान पहुंचा रही है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक इन ट्रेनों की लंबाई लगभग 1.4 किलोमीटर के बराबर है. जब यह चलती है तो सांप की तरह दिखती है. इस तरह की प्रत्येक ट्रेन में दो रैक (प्रत्येक में 59 बोगियां), दो ब्रेक वैन और दो से तीन इंजन होते हैं.

ट्रैक पर कम हुआ दबाव 

इसका फायदा यह हुआ है कि ट्रैक पर दबाव कम पड़ रहा है और कम समय में अधिक सामानों ढुलाई हो रही है. यही वजह है कि रेलवे 118 बोगियों वाली ट्रेनों को प्राथमिकता दे रही है.

डिविजन के डिविजनल कमर्शियल मैनेजर संचित त्यागी ने कहा, 'रेलवे के एक्शन प्लान 2017-18 में लंबी दूरी की ट्रेनों पर विशेष बल दिया गया है ताकि ट्रैफिक की डिमांड को कम लागत में वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ही पूरा किया जा सके.'

वर्तमान समय में इस तरह की औसतन 15 से 25 ट्रेनें प्रतिदिन चलाई जा रही हैं. मार्च 2018 तक इसे बढ़ाकर 50 करने की योजना है. इस तरह की ट्रेनों को चलाने के लिए लूप लाइन की आवश्यकता होती है. ऐसी तीन लाइनों को तैयार कर लिया गया है और पूरे देश में 109 लूप लाइनों की स्वीकृति मिल गई है.

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