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महानगरों से ज्यादा भारत के छोटे शहरों में प्रदूषण की समस्या

डब्लूएचओ की जारी विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की रिपोर्ट में दिल्ली के अलावा बाकी सभी देश के अपेक्षाकृत छोटे शहर हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि यह समस्या देश के बड़े शहरों से कहीं ज्यादा छोटे शहरों की है

FP Staff Updated On: May 02, 2018 01:31 PM IST

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महानगरों से ज्यादा भारत के छोटे शहरों में प्रदूषण की समस्या

बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की जारी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची भारत के लिए खतरे की घंटी है. प्रदूषण के मामले में यूपी का कानपुर शहर टॉप पर आता है. इस लिस्ट में दिल्ली विश्व का छठा सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है. अलावा फरीदाबाद, वाराणसी, गया, पटना, लखनऊ, आगरा, मुजफ्फरपुर, श्रीनगर, गुरुग्राम, जयपुर, पटियाला और जोधपुर के नाम भी इसमें शामिल हैं.

इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि यह समस्या देश के बड़े शहरों से कहीं ज्यादा छोटे शहरों की है. जिस तरह से छोटे शहरों में गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है. आबादी बढ़ने से शहरों का बेतरतीब ढंग से विकास हो रहा है, रात-दिन कंस्ट्रक्शन का काम हो रहा है. इससे धुएं और धूल की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. यही वजह है कि जारी सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में 13 भारत के सेंकेंड टियर शहर और अन्य छोटे शहर शामिल हैं.

दुनिया में हर साल 70 लाख से अधिक लोगों की मौत वायु प्रदूषण के चलते होती है

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दक्षिण-पूर्व एशिया में रहने वाले 60% लोगों के पास साफ ईंधन नहीं

डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया की रीजनल डायरेक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह के अनुसार, इस रीजन में सभी देश अपने लोगों तक साफ ईंधन और तकनीक पहुंचाने में लगे हैं. इसके बावजूद 60 प्रतिशत लोगों के पास अब भी साफ ईंधन उपलब्ध नहीं है. अगर इस विषय पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो घरेलू और बाहरी प्रदूषण बड़ी मुश्किलें पैदा करेंगी.

उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण को तुरंत और महत्वपूर्ण रूप से नियंत्रित करने की जरूरत है. दुनिया में नॉन-कम्यूनिकेबल डिजिज बढ़ रही हैं और इनमें प्रदूषण का महत्वपूर्ण रोल है. साफ हवा से इन बीमारियों से निपटने में मदद मिलेगी.

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