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पिकनिक स्पॉट बना सिग्नेचर ब्रिज, सेल्फी की खातिर लोग कर रहे हैं चौंकाने वाले काम

सिग्नेचर ब्रिज को जहां लोगों की सहूलियत और यातायात प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शुरू किया गया है, वहीं लोग यहां पिकनिक स्पॉट के तौर पर चहलकदमी करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

Updated On: Nov 10, 2018 04:07 PM IST

FP Staff

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पिकनिक स्पॉट बना सिग्नेचर ब्रिज, सेल्फी की खातिर लोग कर रहे हैं चौंकाने वाले काम
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दिल्ली में हाल में शुरू किया गया सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन के बाद से ही सुर्खियों में बना हुआ है. अब सिग्नेचर ब्रिज को लेकर कुछ अलग ही तस्वीरें सामने आई हैं. दरअसल, लोगों को अपनी जान अब इतनी सस्ती लगने लगी है कि लोग अपनी जिंदगी की परवाह किए बगैर खतरनाक काम करने से भी पीछे नहीं हटते हैं. ऐसे ही कुछ तस्वीरें सिग्नेचर ब्रिज पर देखने को मिली हैं, जहां लोग जान को हथेली पर रखकर महज एक सेल्फी के लिए हैरतअंगेज काम करते नजर आए.

सिग्नेचर ब्रिज को जहां लोगों की सहूलियत और यातायात प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शुरू किया गया है, वहीं लोग यहां पिकनिक स्पॉट के तौर पर चहलकदमी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. तस्वीरों में ऐसा साफ नजर आ रहा है कि सिग्नेचर ब्रिज पर लोग पोल पर खड़े होकर तस्वीरें ले रहे हैं. इसके साथ ही वहां लोग गाड़ियों की खिड़की से बाहर निकलकर भी सेल्फी लेते हुए दिखाई दे रहे हैं.

दरअसल, दिल्ली में सिग्नेचर ब्रिज का जब से उद्घाटन हुआ है, यह तब से ही चर्चा में बना हुआ है. सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को आमंत्रित नहीं किया गया था लेकिन मनोज तिवारी वहां आए और उनकी हाथापाई हो गई. इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी. वहीं एक वीडियो में मनोज तिवारी आप कार्यकर्ता को मारने की कोशिश करते हुए नजर आए.

सिग्नेचर ब्रिज की लागत

इस परियोजना के पूरा होने से नार्थ और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम हो जाएगा. दिल्लीवासी इस ब्रिज के ऊपर से पूरे शहर का एक शानदार नजारा दिखेगा. इसके लिए चार लिफ्ट लगाई गई हैं जिनकी कुल क्षमता 50 लोगों को ले जाने की है. सिग्नेचर ब्रिज का प्रस्ताव 2004 में पेश किया गया था, जिसे 2007 में दिल्ली मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली थी.

शुरुआत में अक्टूबर 2010 में दिल्ली में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम के पहले 1131 करोड़ रूपए की संशोधित लागत में पूर्ण होना था. इस परियोजना की लागत 2015 में बढ़कर 1,594 करोड़ रुपए हो गई. खबरों के मुताबिक जब पहली बार इस ब्रिज को 1997 में प्रस्तावित किया गया था तब इसकी लागत 464 करोड़ रुपए आंकी गई थी. अभी यह ब्रिज वजीराबाद पुल के ट्रैफिक के बोझ को साझा करेगा.

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