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मालिकाना हक पर सुनवाई से पहले हो बाबरी विध्वंस की सुनवाईः लिब्राहन

जस्टिस लिबराहन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मालिकाना हक वाले मुकदमे पर सुनवाई से बाबरी विध्वंस के केस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा

Updated On: Dec 02, 2017 06:40 PM IST

FP Staff

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मालिकाना हक पर सुनवाई से पहले हो बाबरी विध्वंस की सुनवाईः लिब्राहन

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की जांच करने वाले लिब्राहन आयोग के अध्यक्ष जस्टिस मनमोहन सिंह लिब्राहन ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को सबसे पहले मस्जिद के विध्वंस के केस का निपटारा करना चाहिए, उसके बाद ही उसके मालिकाना हक पर फैसले की सुनवाई करनी चाहिए. उनका बयान ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट 5 दिसंबर से रोज इस मामले पर सुनवाई करेगा.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए जस्टिस लिब्राहन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मालिकाना हक वाले मुकदमे पर सुनवाई से बाबरी विध्वंस के केस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि ऐसा करने का क्या मतलब है? यदि यह फैसला आता है कि संपत्ति वक्फ की है, तो इससे एक पक्ष विध्वंस के दोषी के तौर पर देखा जाएगा. अगर यह फैसला आता है कि यह हिंदुओं के हिस्से जाएगा तब अपनी संपत्ति को वापस पाने के लिए बाबरी विध्वंस को उचित मान लिया जाएगा. बाबरी विध्वंस लोगों के बीच में अभी भी मुद्दा बना हुआ है इसलिए इस पर निर्णय पहले करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला जवाब नहीं है. सबसे पहले मालिकाना हक पर फैसला होना चाहिए था पर उन्होंने जमीन का बंटवारा कर दिया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन को तीन हिस्से में बांट दिया था. एक हिस्सा निर्मोही अखाड़ा, एक राम लल्ला और एक हिस्सा वक्फ बोर्ड का बताया था.

जस्टिस लिब्राहन ने यह भी कहा कि न्यायिक व्यवस्था में मुसलमानों के विश्वास को बहाल करना होगा. लेकिन समस्या यह है कि इस समय कोई संगठन नहीं है जो इस मुद्दे पर सक्रिय हो.

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