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आज होगा सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामीजी का अंतिम संस्कार

कर्नाटक के तुमकुरू स्थित सिद्धगंगा मठ के प्रमुख 111 वर्षीय शिवकुमार स्वामीजी का मंगलवार को अंतिम संस्कार होगा

Updated On: Jan 22, 2019 11:52 AM IST

FP Staff

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आज होगा सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामीजी का अंतिम संस्कार

कर्नाटक के तुमकुरू स्थित सिद्धगंगा मठ के प्रमुख 111 वर्षीय शिवकुमार स्वामीजी का मंगलवार को अंतिम संस्कार होगा. श्रद्धालुओं एवं शिष्यों के बीच 'चलते-फिरते ईश्वर' के नाम से विख्यात संन्यासी शिवकुमार स्वामीजी लंबे समय से बीमार थे. केंन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और डी वी सदानंद गौड़ा सिद्धगंगा मठ के प्रमुख के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे और प्रधानमंत्री की ओर से पुष्प अर्पित करेंगे. साथ ही कर्नाटक बीजेपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा भी मठ में मौजूद हैं.

वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने मंगलवार को सरकारी छुट्टी और तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की. स्वामीजी की हाल में चेन्नई के एक अस्पताल में यकृत संबंधी जटिलताओं को लेकर सर्जरी हुई थी. स्वामीजी की देखरेख करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी के बाद उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार दिखा था, लेकिन कुछ दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ने लगी.

मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और स्वामीजी द्वारा संचालित शिक्षा सोसायटी ने स्वामीजी के निधन की घोषणा की. उनके निधन के बारे में जानकारी होने पर पूरे राज्य में उनके अनुयायी शोक में डूब हुए हैं.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने तुमकुरू में कहा, 'मुझे अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि साक्षात् भगवान, परम पूज्य सिद्धगंगा श्री का निधन हो गया है. यह राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने समाज के प्रति जो योगदान दिया उससे पूरे राज्य में लाखों लोगों का जीवन बदल गया. उन्होंने कई लोगों के भविष्य को आकार देने का काम किया.'

मठ की वेबसाइट के अनुसार श्रद्धेय स्वामीजी का जन्म एक अप्रैल 1908 को कर्नाटक के वीरापुरा गांव में हुआ था. स्वामीजी द्वारा स्थापित श्री सिद्धगंगा कालेज आफ एजुकेशन की वेबसाइट पर उनकी जन्मतिथि एक अप्रैल 1907 के तौर पर उल्लेखित है. कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के सीमांत क्षेत्रों में काफी संख्या में उनके अनुयायी हैं. कर्नाटक एवं अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल, सभी दलों के नेता, शिक्षाविद तथा प्रमुख विद्वान उनका आशिर्वाद लेने के लिए उनसे मिलने आते थे. तत्कालीन राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम मठ में आठ अप्रैल 2007 को स्वामीजी के 100वें जन्मदिन और गुरुवंदना कार्यक्रम में शामिल हुए थे. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितम्बर 2014 में स्वामीजी से मुलाकात की थी.

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'परम पूजनीय डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु लोगों, खासकर गरीबों एवं कमजोरों, के लिए जिए. उन्होंने गरीबी, भूख और सामाजिक अन्याय जैसी समस्याओं के उन्मूलन की दिशा में खुद को समर्पित कर दिया था. दुनिया भर में फैले उनके अनगिनत श्रद्धालुओं के प्रति प्रार्थनाएं एवं एकजुटता.'

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वामीजी का सभी धर्मों और समुदायों के लाखों भारतीय सम्मान करते थे. उन्होंने कहा, 'उनके निधन से एक गहरा आध्यात्मिक रिक्तता बन गई है. उनके सभी अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदना.'

स्वामीजी के निधन के कुछ ही समय बाद लोग अपने गुरु के अंतिम दर्शन के लिए जुटना शुरू हो गए. स्वामीजी के पार्थिव शरीर को एक मंच पर रखा गया है ताकि लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकें. इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को वहां लाया गया. पूरे जिले विशेष तौर पर मठ के आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गए हैं.

(भाषा से इनपुट)

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