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बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रधानाचार्यों से सलाह लेगा हाई कोर्ट

इस रियलटी चेक में पाया गया कि सुप्रीम कोर्ट की बच्चों की सुरक्षा को लेकर जारी किए गए निर्देशों की परवाह किए बिना ही बच्चों की जान को जोखिम में डाला जा रहा था

Bhasha Updated On: Jun 02, 2018 05:33 PM IST

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बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रधानाचार्यों से सलाह लेगा हाई कोर्ट

हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में बीते 9 अप्रैल को एक ऐसा हादसा हुआ था जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. उक्त दुघर्टना में कई मासूमों ने अपनी जान खोई. बहुत सी मांओं की गोद सूनी हो गई थी. हादसे को हुए अभी दो दिन भी नहीं हुए थे और न्यूज 18 के रियलटी चेक में हैरान कर देने वाली बातें सामने आई थीं. प्रदेश के अलग अलग जगहों पर किया गए यह रियलटी चेक में यह बात सामने आई थी कि यहां बच्चों की जान के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा था.

इस रियलटी चेक में पाया गया कि सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. सुप्रीम कोर्ट की बच्चों की सुरक्षा को लेकर जारी किए गए निर्देशों की परवाह किए बिना ही बच्चों की जान को जोखिम में डाला जा रहा था.

निर्देशों का पालन ना करने से हुआ नूरपुर का हादसा

स्कूल बसों और टैक्सियों में हो रही ओवरलोडिंग और हादसों को न्योता देते चालकों पर लगाम लगाने के लिए शिमला की रहने वाली शीतल व्यास ने वर्ष 2017 की जुलाई में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. इसमें सुरक्षा मानकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को सख्ती से लागू करने के बारे में कहा गया था. इसी साल के जनवरी में भी हाई कोर्ट की ओर से एक ऑर्डर पास किया गया था, लेकिन स्कूल टैक्सी और बस चालकों ने निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया इसलिए नूरपुर का हादसा सामने आया.

आगामी 18 जून को हाई कोर्ट ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बैठक के लिए बुलाया है. महाअधिवक्ता अशोक शर्मा की अध्यक्षता में ये बैठक आयोजित की जाएगी और इस बैठक में डीसी, एसपी और सीनियर एडवोकेट भाग लेंगे. सभी से सुझाव लेने के बाद 27 जून को एक ऑर्डर पास किया जाएगा.

(न्यूज़18 के लिए रेशमा कश्यप की रिपोर्ट)

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