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शिमला गैंगरेप में साजिश के तार बड़े गहरे हैं, आईजी-डीएसपी समेत 8 पुलिसवाले गिरफ्तार

सीबीआई ने जांच में डीएस, आईजी समेत आठ पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि सीबीआई ने हिमाचल पुलिस द्वारा गिरफ्तार 6 युवकों को निर्दोष बताया है.

Updated On: Aug 30, 2017 12:09 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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शिमला गैंगरेप में साजिश के तार बड़े गहरे हैं, आईजी-डीएसपी समेत 8 पुलिसवाले गिरफ्तार

सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित कोटखाई छात्रा सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई ने मंगलवार को हिमाचल पुलिस के आईजी, डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है. अब खबर आ रही है कि इन पुलिसवालों का नार्को टेस्ट भी करवाया जा सकता है.

4 जुलाई को हिमाचल प्रदेश में एक स्कूली छात्रा की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड की गूंज शिमला सहित राज्य के कई जिलों में सुनाई दी थी. हिमाचल प्रेदश से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक लोगों ने घटना के विरोध में मार्च किया था.

आईजी, डीएसपी और छह पुलिसकर्मियों पर सीबीआई का शिकंजा

राज्य और राज्य के बाहर हो रहे लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद शिमला हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी.

सीबीआई ने संदेह के आधार पर आईजी जहूर हैदर जैदी, डीएसपी मनोज जोशी और छह अन्य पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की थी.

4 जुलाई को शिमला से 56 किमी दूर कोटखाई में आरोपियों ने 16 वर्षीय स्कूली छात्रा को लिफ्ट दी और नजदीकी जंगल में ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी. नाबालिग की लाश दो दिन बाद बरामद हुई थी. उसके शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए थे.

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजिंदर सिंह समेत आशीष चौहान, सुभाष बिष्ट, दीपक कुमार, सूरज सिंह और लोकजन को गिरफ्तार किया था. इस मामले में एक आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी.

सीबीआई के मुताबिक आईजी जैदी, डीएसपी मनोज जोशी और छह पुलिसकर्मियों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि ये पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में शामिल हैं या नहीं.

इस बलात्कार और हत्या के बाद शिमला में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध हुआ था और पुलिस पर इस कांड में शामिल बड़े घरों के बच्चों को बचाने का आरोप लगा था. बाद में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार और हिरासत में मौत मामले की जांच सीबीआई को करने को कहा था.

सीबीआई का शक शुरुआती जांच में सोशल साइट पर सक्रिय कुछ ऐसे लड़कों पर गया था, जिन्होंने पीड़िता की फोटो को फेसबुक पर शेयर किया था.

सीबीआई ने पिछले हफ्ते उन लड़कों के घरों पर छापा मारा था, जिन लड़कों का फोटो सीएम के फेसबुक वॉल पर पीड़िता की हत्या के बाद वायरल हुआ था. सीबीआई ने ये सर्च रेड हलाइला क्षेत्र में तीन युवकों के गांवों में बने घरों और शिमला स्थित ठिकानों पर किया था.

Police

सीबीआई इस मामले में लगातार सबूत जुटा रही है

सीबीआई पिछले हफ्ते हुए छापेमारी को जांच का एक अहम हिस्सा मान रहे हैं. मामले में गिरफ्तार लड़कों का रोल है या नहीं, इस पर सीबीआई अभी चुप्पी साधी हुई है.

सीबीआई पिछले कई दिनों से इस हत्याकांड की जांच के लिए शिमला में मौजूद है. हत्या के बाद से ही फेसबुक पर आधा दर्जन युवकों के फोटो वायरल हुए थे.

सीबीआई ने छापेमारी में पूर्व सीएम के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल से भी पूछताछ की थी. सीबीआई की जांच के दायरे में अब हिमाचल प्रदेश का सीएम कार्यालय भी आ गया है.

घटना के बाद सीएम के फेसबुक अकाउंट से कुछ फोटो अपलोड किए गए थे. ऐसा राज्य में लोगों को शांत करवाने के लिए किया गया था. जैसे ही इन लोगों के फोटो अपलोड हुए तो लोगों को यकीन हो गया था यह असली आरोपी हैं. लेकिन बाद में पता चला कि सीएम के फेसबुक अकाउंट से जिन लोगों के फोटो शेयर किए गए हैं. उनमें से कोई भी आरोपी नहीं है.

जबकि, हिमाचल पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था. इन 6 लोगों में एक भी वह लड़का नहीं था जिसका सीएम के फेसबुक अकाउंट से फोटो वायरल हुआ था.

सीबीआई इस मामले में लगातार सबूत जुटा रही है. सीबीआई सूत्र के मुताबिक इस छापे के माध्यम से सीएम के फेसबुक अकाउंट से फोटो वायरल होने का सच भी सामने आ जाएगा.

हिमाचल पुलिस ने 12 जुलाई को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिनमें नेपाली मूल के सूरज की भी गिरफ्तारी हुई थी. सूरज की कोटखाई थाने में ही दूसरे गिरफ्तार आरोपी की राजू ने हत्या कर दी थी. हिमाचल पुलिस ने राजू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था.

लेकिन, सीबीआई की तफ्तीश में हिमाचल पुलिस की यह कहानी झूठी साबित हो रही है. सीबीआई जल्द ही हिमाचल प्रदेश पुलिस के कुछ अधिकारियों को आरोपी बना सकती है.

सीबीआई इस मामले में दो बार जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंप चुकी है. 17 अगस्त को हुई सुनवाई में आरोपी पुलिस एसआईटी की टीम आईजी जैदी समेत कोर्ट में पेश हुई थी.

कोर्ट ने एसआईटी से मामले को लेकर सभी एसआईटी सदस्यों से शपथ पत्र मांगा है. अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी. इसी दिन सीबीआई को जांच की अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी है.

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