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शिमला का नाम बदलकर 'श्यामला' करने पर हिमाचल के सीएम ने बदला बयान, कहा- अभी कुछ तय नहीं

सीएम जयराम ने शिमला में दशहरा कार्यक्रम में कहा था कि जरूरत पड़ी तो शिमला का नाम बदला जाएग, हालांकि उन्होंने जनता से सुझाव मांगे थे और चर्चा करने की बात कही थी, अब एक बार फिर से सीएम ने इस मुद्दे पर अहम बयान दिया है

Updated On: Oct 22, 2018 04:52 PM IST

FP Staff

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शिमला का नाम बदलकर 'श्यामला' करने पर हिमाचल के सीएम ने बदला बयान, कहा- अभी कुछ तय नहीं
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शहरों के नाम बदलने को लेकर छिड़ी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के नाम को बदलने को लेकर भी लगातार बहस जारी है. हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के बयान के बाद इस मुद्दे ने और अधिक जोर पकड़ा है. ऐसे में सीएम जयराम ठाकुर ने भी शिमला में दशहरा कार्यक्रम में कहा था कि जरूरत पड़ी तो शिमला का नाम बदला जाएगा. हालांकि, उन्होंने जनता से सुझाव मांगे थे और चर्चा करने की बात कही थी. अब एक बार फिर से सीएम ने इस मुद्दे पर अहम बयान दिया है. सोलन दौरे के दौरान बीते रविवार को सीएम ने कहा कि शिमला का नाम बदलने का प्रस्ताव उनके समक्ष आया था लेकिन उन्होंने इस पर कोई बात नहीं की है, अगर हिमाचल के लोग इस बात पर ज्यादा जोर डालेंगे तो इस पर विचार किया जाएगा.

अंग्रेज श्यामला नहीं बोल पाते थे इसलिए शिमला नाम पड़ा

बता दें कि हाल ही में यूपी की योगी सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर 'प्रयागराज' कर दिया है. इसके बाद यह मुद्दा काफी चर्चा में है. इसी कड़ी में हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा था कि अगर राजधानी का नाम श्यामला से शिमला हो सकता है तो फिर शिमला से श्यामला क्यों नहीं? वहीं विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत अध्यक्ष अमन पुरी का इस मामले में कहना है कि श्यामला को शिमला किया गया क्योंकि अंग्रेज श्यामला नहीं बोल पाते थे, इसलिए शिमला नाम पड़ा. शिमला नाम एक गुलामी की पहचान है, जिसे अगर बदल दिया जाएगा, तो इससे संस्कृति तो बचेगी, साथ ही श्यामला मां को पूरी दुनिया में जाना भी जाएगा. वहीं, विपक्ष इस बात को लेकर केवल मुद्दा बना रहा है. विपक्ष का कहना है कि शिमला ही नहीं, शिमला के अलावा भी उस हर चीज का नाम बदलने की जरूरत है, जो गुलामी से जुड़ी हुई है. हमारे बहुत से नेशनल हीरो ऐसे हें जिनके नाम पर भी जगहों के नाम रखे जा सकते हैं.

शिमला के कालीबाड़ी मंदिर को श्यामला माता के नाम से जाना जाता था

सीपीआईएम के प्रदेश सचिव डॉ. ओमकार शाद विश्व हिन्दू परिषद की नाम बदलने की बात का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करते हैं. उनका कहना है कि शिमला का नाम इतिहास से तो जुड़ा ही है, साथ ही शिमला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है. शिमला नाम कोई गुलामी का प्रतीक नहीं है, इसका अपना एतिहासिक महत्व है. अगर शिमला का नाम बदला जाता है तो पहले से ही कर्जे में डूबे हिमाचल पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. वैसे शिमला का पुराना नाम श्यामला था. शिमला के कालीबाड़ी मंदिर को पहले श्यामला माता के नाम से जाना जाता था. इसी पर इस शहर का नाम श्यामला हुआ करता था. बाद में मंदिर का नाम कालीबाड़ी और शहर का नाम शिमला कर दिया गया. दरअसल, जब अंग्रेज पहाड़ों की रानी शिमला आए तो उन्होंने इसका नाम ‘सिमला’ कर दिया जो बाद में शिमला हो गया.

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