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'भारत में आधे चांद और सितारे वाले हरे झंडे का इस्तेमाल गैर इस्लामिक'

याचिका में आरोप लगाया गया कि ये झंडे पाकिस्तान मुस्लिम लीग के झंडे से मिलते जुलते हैं जो एक ‘शत्रु देश ’ की पार्टी है

Bhasha Updated On: Apr 18, 2018 11:56 AM IST

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'भारत में आधे चांद और सितारे वाले हरे झंडे का इस्तेमाल गैर इस्लामिक'

शिया वक्फ बोर्ड ने आधे चांद  और सितारे वाले हरे झंडे लहराने पर रोक की मांग को लेकर मंगवार को सुप्रीम कोर्ट का रूख किया और इसे ‘गैर इस्लामी’ और पाकिस्तान के एक राजनीतिक दल के झंडे से मिलता जुलता बताया.

उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ्स के प्रमुख सैयद वसीम रिजवी ने अपनी याचिका में दावा किया कि मुंबई और देश में दूसरी जगहों की यात्रा के दौरान उन्होंने कई इमारतों और धार्मिक संरचनाओं पर झंडे लगे देखे जो कथित रूप से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव का कारण हैं.

याचिका में आरोप लगाया गया कि ये झंडे पाकिस्तान मुस्लिम लीग के झंडे से मिलते जुलते हैं जो एक ‘शत्रु देश ’ की पार्टी है.

इसमें दावा किया गया कि आधे चांद वाले हरे रंग के झंडे पूर्व राजनीतिक दल मुस्लिम लीग से आए थे जिसका गठन 1906 में नवाज वकार उल मलिक और मोहम्मद अली जिन्ना ने किया था लेकिन मौजूदा समय में इसका इस्तेमाल भारतीय मुसलमान कर रहे हैं जो उसे इस्लामी झंडा मानते हैं.

याचिका में कहा गया कि हरे रंग के साथ आधा चांद और सितारा इस्लामी जीवन का कभी भी हिस्सा नहीं रहा है और ना ही इस्लाम में उसकी कोई भूमिका या महत्व है.

इसमें कहा गया कि पाकिस्तान एक ‘शत्रु देश ’ है जो हमारे देश में आतंकी हमले करता रहा है और सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ाता देता है.

याचिका के अनुसार , ‘ इसे धार्मिक झंडा मानने के गलत विश्वास के तहत शत्रु देश से जुड़े झंडे फहराने के मुद्दे पर सरकारी एजेंसियों को तत्काल ध्यान देना चाहिए’

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