S M L

सुनंदा पुष्‍कर मौत: गिरफ्तारी से बचने के लिए शशि थरूर ने दी अग्रिम जमानत की याचिका

कांग्रेस नेता पर आईपीसी की धारा 498 ए (क्रूरता) और 306 (आत्महत्या के लिये उकसाने) के आरोप लगाए गए हैं

Updated On: Jul 03, 2018 12:28 PM IST

FP Staff

0
सुनंदा पुष्‍कर मौत: गिरफ्तारी से बचने के लिए शशि थरूर ने दी अग्रिम जमानत की याचिका
Loading...

सुनंदा पुष्‍कर मौत के मामले में आरोपी के तौर पर शशि थरूर पर केस चलाए जाने के आदेश के बाद अब शशि थरूर ने दिल्‍ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है.

शशि थरूर को इस बात का डर है कि 7 जुलाई को सुनवाई के दौरान उन्‍हें गिरफ्तार किया जा सकता है. सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में उनके पति शशि थरूर को कुछ दिन पहले ही सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी माना है. शशि थरूर को 498ए के तहत भी सजा हो सकती है.

मालूम हो कि सुनंदा पुष्कर ने 8 जनवरी 2014 को अपने पति शशि थरूर को ईमेल में लिखा था कि, 'मेरी जीने की इच्छा नहीं है. मैं सिर्फ मौत की कामना कर रही हूं.' इस ईमेल के 9 दिन बाद सुनंदा दिल्ली के एक होटल में मृत हालात में मिली थीं.

इसके पहले सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा था कि सुनंदा की तीसरी शादी थी जिसको 3 साल 3 महीने हुए थे. जो चार्जशीट फाइल की गई है वह 'अबेटमेंट फॉर सुसाइड' और क्रुएलिटी के तहत ही दायर की गई है.

चार्जशीट में पुलिस ने उस कविता का भी जिक्र किया है, जिसे खुद सुनंदा ने मौत से दो दिन पहले लिखा था. जिसका मतलब निकाला जा सकता है कि मौत से पहले वह काफी डिप्रेशन में थी.

कांग्रेस नेता पर आईपीसी की धारा 498 ए (क्रूरता) और 306 (आत्महत्या के लिये उकसाने) के आरोप लगाए गए हैं. धारा 498 ए के तहत अधिकतम तीन साल के कारावास की सजा का प्रावधान है जबकि धारा 306 के तहत अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है. दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी 2015 को आईपीसी की धारा 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. हालांकि शशि थरूर को इस मामले में अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi