S M L

अस्पताल की मेडिकल लापरवाही, घायल के कटे पैर को बनाया तकिया

यूपी सरकार ने मामले में 2 डाक्टरों और 2 नर्सो को निलंबित कर दिया है. साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर (ऑर्थोपेडिक्स) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं

FP Staff Updated On: Mar 11, 2018 01:04 PM IST

0
अस्पताल की मेडिकल लापरवाही, घायल के कटे पैर को बनाया तकिया

यूपी के झांसी में मेडिकल लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां के सरकारी अस्पताल के स्टाफ ने दुर्घटना के शिकार एक शख्स के साथ ऐसा बर्ताव किया जिसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

मामला झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज की है जहां हादसे के शिकार व्यक्ति को इलाज के दौरान तकिया की जगह उसका कटा पैर सिरहाने लगा दिया.

इस पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने दो डाक्टरों और दो नर्सों को निलंबित कर दिया है. असिस्टेंट प्रोफेसर (ऑर्थोपेडिक्स) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

ईलाज में इस लापरवाही की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज की प्रिंसपल साधना कौशिक ने इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.

उन्होंने कहा कि, पीड़ित शख्स को तुरंत मेडिकल सहायता दी गई. इलाज के दौरान उसका सिर थोड़ा ऊंचा रखने की जरूरत पड़ी. ऐसे में मरीज के तिमारदारों ने उसका कटा पैर माथे के नीचे लगा दिया. इसकी जांच के लिए हमने एक कमेटी बनाई है. अगर हमारे स्टाफ इसमें दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

साधना कौशिक के मुताबिक, मरीज के कटे पैर को तकिया किसने बनाया, इसकी जांच के लिए चार सदस्यों की एक कमेटी फौरन बना दी गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एक हड्डी के डॉक्टर, एक ईएमो नर्स इंचार्ज और अन्य व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. कंसल्टेंट डॉक्टर के खिलाफ भी विभाग कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि वो इस मामले में पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ बोलेंगे.

पीड़ित शख्स स्कूल बस का क्लीनर है जिसे दुर्घटना के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज में लाया गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसका पैर काट दिया ताकि इन्फेक्शन ज्यादा न फैले.

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के निर्देश पर डॉक्टरों व नर्सों की लापरवाही की घटना का संज्ञान लेते हुए सीनियर रेजीडेंट (ऑर्थोपेडिक्स) डॉ. आलोक अग्रवाल, ईएमओ डॉ. महेंद्र पाल सिंह, सिस्टर इंचार्ज दीपा नारंग और शशि श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा, असिस्टेंट प्रोफेसर (ऑर्थोपेडिक्स) डॉ. प्रवीण सरावगी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
DRONACHARYA: योगेश्वर दत्त से सीखिए फितले दांव

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi