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पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवेक तिवारी की हत्या के मामले को दबाने की कर रहे कोशिशः बृजेश पाठक

मंत्री ब्रिजेश पाठक ने कहा कि पहली एफआईआर गलत तरीके से लिखी गई थी, इस बात को लेकर भी पुलिस के खिलाफ जांच होनी चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों किया गया

Updated On: Oct 01, 2018 01:57 PM IST

FP Staff

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पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवेक तिवारी की हत्या के मामले को दबाने की कर रहे कोशिशः बृजेश पाठक

लखनऊ में हुए विवेक तिवारी मर्डर केस में हर पल एक नया खुलासा हो रहा है. नई एफआईआर दर्ज होने के बाद मृतक विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी अपने बच्चों और भाई के साथ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंची थीं. सीएम से मिलने के बाद कल्पना ने बताया कि उन्हें सीएम ने हर मदद करने का आश्वासन दिया है. साथ ही उन्हें अपने राज्य सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह उसके परिवार के साथ न्याय करेगी. अब इस मामले में उत्तर प्रदेश के मंत्री (लॉ एंड जस्टिस) बृजेश पाठक ने एक और बयान जारी किया है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले को कवर अप करने की कर रहे कोशिश

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक बृजेश पाठक ने कहा है कि मृतक के परिवार की यह बात बिल्कुल सच है कि कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले को कवर अप करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके अनुसार मर्डर होने के रात से ही पुलिस के द्वारा मामाले को गंभीरता के साथ नहीं देखा जा रहा है. हालांकि दोनों पुलिस कॉन्स्टेबलों को घटना के रात ही गिरफ्तार कर लिया गया था और बर्खास्त कर दिया गया था. मंत्री बृजेश पाठक ने कहा- मृतक के परिवार की तरह मुझे भी ऐसा लगता है कि पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. सरकार को इस बात की ओर ध्यान देना चाहिए. कुछ पुलिस अधिकारी इस मामले को कवर अप करने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं. इसके बाद उन्होंने कहा कि पहली एफआईआर गलत तरीके से लिखी गई थी. इस बात को लेकर भी पुलिस के खिलाफ जांच होनी चाहिए. आखिर ऐसा क्यों किया गया.

विवेक की पत्नी ने दर्ज की नई एफआईआर

आपको बता दें कि एफआईआर को लेकर उठे सवालों के बाद पुलिस ने मृतक विवेक की पत्नी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है. इससे पहले तक पुलिस ने घटना के वक्त विवेक के साथ कार में मौजूद उनकी सहकर्मी सना खान के नाम से एफआईआर दर्ज की थी. सूत्रों की मानें तो सना की एफआईआर के बाद पुलिस बहुत ही होशियारी के साथ ये साबित करने की कोशिश कर रही थी कि कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने विवेक पर गोली चलाई ही नहीं थी. लखनऊ के गोमतीनगर थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर में विवेक की पत्नी ने सना के बयान के हवाले से ही शिकायत दर्ज कराई है. एफआईआर में लिखा गया है, 'मेरे पति एपल कंपनी में कार्यरत थे, जिनकी हत्या कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी द्वारा की गई है और इस घटना की जानकारी मेरे पति के साथ गाड़ी में बैठीं उनकी सहकर्मी सना द्वारा बताई गई है.

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