S M L

पुजारियों ने राम मूर्ति के प्रस्ताव का किया विरोध, कहा- BJP बस मूर्ति बनवा सकती है, मंदिर नहीं

पुजारियों ने शिवसेना की धर्म सभा को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि भगवान पर राजनीति नहीं करनी चाहिए

Updated On: Nov 28, 2018 12:19 PM IST

FP Staff

0
पुजारियों ने राम मूर्ति के प्रस्ताव का किया विरोध, कहा- BJP बस मूर्ति बनवा सकती है, मंदिर नहीं

अयोध्या में शिवसेना की धर्म सभा के बाद वाराणसी में हुए परम धर्म संसद में पुजारियों ने सरयू नदी के किनारे भगवान राम की मूर्ति लगाने का विरोध किया है. उन्होंने शिवसेना की धर्म सभा को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि भगवान पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका-शारदा और ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि 'भगवान राम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. बीजेपी बस भारतीय जनता पार्टी बस मूर्तियां बनवा सकती है, लेकिन मंदिर नहीं.'

उन्होंने कहा कि बीजेपी ने गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की इतनी बड़ी मूर्ति बनवाई, जबकि यहां भगवान राम के मंदिर को बनाने की जरूरत थी. उनकी बस मूर्ति नहीं बनवाई जा सकती क्योंकि वो एक मानव नहीं थे.

बता दें कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सरयू नदी के तट पर भगवान राम की 221 मीटर की मूर्ति बनवाने का प्रस्ताव दिया है. इसके विरोध में स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि ये अनुचित है और लोगों की आस्था के विरुद्ध भी है.

उन्होंने ये भी दावा किया कि अयोध्या में कभी कोई मस्जिद था ही नहीं. कारसेवकों ने जिस संरचना को गिराया था, वो मंदिर था, मस्जिद नहीं. उन्होंने रामजन्मभूमि पर बाबरी मस्जिद होने के दावे को प्रोपेगेंडा बताया. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां राम मंदिर पर बस राजनीति करती हैं, लेकिन वो मंदिर नहीं बनवाएंगी.

न्यूज18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने भी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए बीजेपी और अन्य संगठनों के आंदोलन को ‘बेकार कोशिश’ बताते हुए इसके लिए अध्यादेश लाने का आह्वान किया.

उन्होंने कहा कि मुस्लिम विरोधी माहौल ‘पैदा करने’ या सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों को चुनौती देने का प्रयास नहीं होना चाहिए. शंकराचार्य ने कहा, ‘अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अब रास्ता यह है कि या तो शीर्ष अदालत में लंबित कार्यवाही तेजी से आगे बढे़ या अध्यादेश लाया जाए.’

उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी और इससे जुड़े संगठनों को अयोध्या को आंदोलन का केंद्र बनाने और माहौल खराब करने से दूर रहना चाहिए. बल्कि उन्हें अपनी ऊर्जा प्रधानमंत्री आवास में लगानी चाहिए. मंदिर को लेकर उनके बयान और आंदोलन निरर्थक प्रयास हैं. उन्होंने कहा कि अध्यादेश के लिए आरएसएस, बीजेपी, वीएचपी और अन्य को अध्यादेश लाने के लिए पीएम मोदी पर दबाव बनाना चाहिए.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi