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बाबा रामदेव, अमर सिंह को सुरक्षा मिल सकती है तो रॉबर्ट वाड्रा की मां को क्यों नहीं?

पिछले 13 सालों से दिल्ली पुलिस के छह कर्मी तैनात हैं

Updated On: May 11, 2017 11:28 AM IST

Bhasha

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बाबा रामदेव, अमर सिंह को सुरक्षा मिल सकती है तो रॉबर्ट वाड्रा की मां को क्यों नहीं?

राबर्ट वाड्रा की मां को दी गयी सुरक्षा को लेकर पिछले दिनों कुछ सवाल उठे थे. अब इस पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस का कहना है कि वीआईपी पर खतरे की आशंका को भांप कर उन्हें सुरक्षा प्रदान करना सरकार का काम है. लेकिन उसे यह भी बताना चाहिए कि पिछले 36 महीनों में उद्योगपतियों सहित किन-किन लोगों को सुरक्षा मुहैया करायी गयी.

कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने वाड्रा की मां को दी जा रही सुरक्षा के बारे में सवाल किये जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी सरकार पिछले 36 माह से सत्ता में है और इस बात के पर्याप्त अवसर आये जब प्रदान की जाने वाली सुरक्षा की समीक्षा की जा सकती थी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक पूर्व पुलिस अधिकारी होने के नाते मेरी समझ है कि सुरक्षा प्रदान करने की एक प्रक्रिया होती. एक समिति इस बारे में खतरे की आशंका को भांपती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार तय करती है कि अमर सिंह को सुरक्षा की जरूरत है. बाबा रामदेव को सुरक्षा की जरूरत है. न केवल उन्हें बल्कि उनकी फैक्ट्री को भी सुरक्षा की बहुत जरूरत है. इस सरकार को लगता है कि कुछ उद्योगपति को भी सुरक्षा की बहुत जरूरत है.

कुमार ने कहा, ‘‘सरकार से यह जानना दिलचस्प होगा कि किन उद्योगपतियों को ऐसी सुरक्षा की जरूरत है और ऐसे कितने लोगों सुरक्षा प्रदान की गयी.’’ उन्होंने वाड्रा की मां को मिली सुरक्षा की ओर संकेत करते हुए कहा, ’’सरकार चाहे तो वह उन लोगों की खतरे की समीक्षा कर सकती है जिन्हें पूर्व में सुरक्षा प्रदान की गयी.’’

यहां बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी मां के सुरक्षा कवर पर खबरों को लेकर मीडिया की आलोचना की है. मीडिया के एक वर्ग में आयी खबरों में कहा गया कि दिल्ली के एक पॉश इलाके में वाड्रा की मां मौरीन के आवास पर वर्षों से दिल्ली पुलिस के सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.

मीडिया के एक तबके ने खबर दी थी कि राजधानी की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित वाड्रा के आवास पर पिछले 13 साल से यूपीए-1 के कार्यकाल से ही दिल्ली पुलिस के छह कर्मी तैनात हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा ने एक फेसबुक पोस्ट पर कहा, ‘‘सचमुच.. अब हम इस हद तक गिर गए हैं कि हम बुजुर्ग लोगों की बेइज्जती कर रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं.. कृपया मेरी मां के पीछे मत पड़ो..’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे जो भी सुरक्षा या जो कुछ भी प्रदान किया गया है.. कृपया उसे हटा दें.. ये कोई महत्व नहीं रखता.. मैं यह जोखिम उठा लूंगा. लेकिन हमें कुछ शिष्टाचार रखना चाहिए.. मैं पत्रकारिता का सबसे खराब दौर देख रहा हूं.’’

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