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5 नवंबर को एक दिन के लिए खुलेगा सबरीमाला का कपाट, कई इलाकों में धारा 144

मंदिर को 17-22 अक्टूबर तक पांच दिन तक चलने वाली मासिक पूजा के लिए खोला गया था. उस दौरान प्रतिबंधित आयु वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के खिलाफ श्रद्धालुओं और अन्य संगठनों का विरोध प्रदर्शन देखा गया

Updated On: Nov 03, 2018 11:00 AM IST

FP Staff

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5 नवंबर को एक दिन के लिए खुलेगा सबरीमाला का कपाट, कई इलाकों में धारा 144

सभी उम्र की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विवाद अभी चल ही रहा है. इसी बीच सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर 5 नवंबर को एक दिन की विशेष पूजा के लिए खुलने के लिए तैयार है. इसी को देखते हुए केरल के कई इलाकों में धारा 144 लगाई जाएगी. सबरीमाला मंदिर में 10-50 आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ पिछले महीने हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए शनिवार रात से ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी जाएगी. पुलिस सूत्रों के अनुसार आईपीसी की धारा 144 के तहत पंबा, नीलक्कल और इलुवांगल में चार या इससे अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

मंदिर को 17-22 अक्टूबर तक पांच दिन तक चलने वाली मासिक पूजा के लिए खोला गया था. उस दौरान प्रतिबंधित आयु वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के खिलाफ श्रद्धालुओं और अन्य संगठनों का विरोध प्रदर्शन देखा गया था. कम से कम एक दर्जन युवा महिलाओं ने प्रार्थना करने का असफल प्रयास किया था लेकिन उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा था. पुलिस के मुताबिक हिंसक विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ 543 मामले दर्ज किए गए और गुरुवार तक 3,701 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

पिछले महीने हुआ था भारी विरोध

इससे पहले पिछले महीने भगवान अयप्पा मंदिर में दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ाई करने वाले एक वृद्ध श्रद्धालु का शव मिलने के बाद बीजेपी ने शुक्रवार को पथनामथिता में प्रदर्शन किया. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सभी आयुवर्ग की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पिछले महीने श्रद्धालुओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में शिवदासन (60) की मृत्यु हो गई थी.

इस मामले पर पुलिस ने कहा कि वह एक दुर्घटना थी. पुलिस ने कहा कि शिवदासन का शव गुरुवार को एक वनक्षेत्र से मिला था. पुलिस ने कहा कि शिवदासन 18 अक्टूबर को मंदिर में दर्शन करने के लिए आए थे और अगले दिन वापस लौटने से पहले उन्होंने अपने परिवार से बातचीत की. उसके बाद वह घर नहीं पहुंचे और इस पर उनके बेटे ने 21 अक्टूबर को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

इस बीच, बीजेपी के प्रदर्शन को ‘अनावश्यक’ बताते हुए देवस्वम मंत्री के सुरेंद्रन ने कहा कि यह केवल लोगों के वास्ते परेशानी उत्पन्न करने के लिए है. उन्होंने कहा कि यहां तक कि मृतक के परिवार ने भी यह आरोप नहीं लगाया है कि इसमें कोई साजिश है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह उल्लेख करते हुए कि पुलिस के खिलाफ ‘दुष्प्रचार’ जारी है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालु की मृत्यु एक दुर्घटना में हुई थी.

(इनपुट भाषा से)

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