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विकास आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत नीति आयोग की दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग जारी

विकास आकांक्षी जिलों के बारे में नीति आयोग की यह सूची डेल्टा रैंकिंग के नाम से जारी की जाती है.

Updated On: Dec 27, 2018 06:52 PM IST

FP Staff

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विकास आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत नीति आयोग की दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग जारी

देश के सबसे पिछड़े जिलों को सामाजिक आर्थिक विकास की सीढ़ी पर ऊपर पहुंचाने की सरकार की एक विशेष योजना के तहत कुल मिलाकर सबसे अच्छी प्रगति करने वाले जिलों की नीति आयोग की ताजा सूची में तमिलनाडु का विरुदुनगर, ओडिशा का नौपाड़ा और उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थ नगर पहले तीन स्थान पर रखे गए हैं.

विकास आकांक्षी जिलों के बारे में नीति आयोग की यह सूची डेल्टा रैंकिंग के नाम से जारी की जाती है और यह इसका दूसरा संस्करण है. इसके मुताबिक झारखंड का पाकुड़, असम का हैलाकाण्डी और झारखण्ड का चतरा जिला सुधार के मामले तीन सबसे पिछड़े जिलों में हैं. डेल्टा रैंकिंग के तहत एक जून, 2018 से 31 अक्टूबर, 2018 के बीच विकास की आकांक्षा रखने वाले 111 जिलों की विकास के छह पैमानों पर की गई प्रगति को आंका जाता है. विकास के मानदंडों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास और बुनियादी ढांचा शामिल हैं.

रैंकिंग के मुताबिक इस साल जून से अक्टूबर के बीच शानदार पहल और उल्लेखनीय उछाल हासिल करने वाले जिलों में उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर, जम्मू-कश्मीर का कुपवाड़ा और बिहार का जमुई शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच जनवरी, 2018 को आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत की थी. विकास की आकांक्षा रखने वाले कुल 115 जिलों में से केवल 111 ने सर्वेक्षण में हिस्सा लिया. पश्चिम बंगाल के ऐसे तीन जिलों ने सर्वेक्षण में हिस्सा नहीं लिया. वहीं बाढ़ की वजह से केरल का एक जिला इसमें हिस्सा नहीं ले सका.

आकांक्षी जिलों की पहली डेल्टा रैकिंग को जून, 2018 में जारी किया गया था. शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक सुधार करने वाले तीन जिलों में तमिलनाडु का विरुधुनगर, ओडिशा का नौपाड़ा और झारखंड का गुमला शामिल हैं. वहीं सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में झारखंड का पाकुड़, कर्नाटक का यादगीर और ओडिशा का मल्कानगिरि शामिल हैं.

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