S M L

मनरेगा मजदूर बनकर सरकारी बाबू और संपन्न लोग डकार गए 40 लाख रुपए

इस योजना के तहत सरकार गरीब मजदूरों को काम देती है

Updated On: Dec 16, 2016 10:31 PM IST

admin admin

0
मनरेगा मजदूर बनकर सरकारी बाबू और संपन्न लोग डकार गए 40 लाख रुपए

मनरेगा केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है. इस योजना के तहत सरकार गरीब मजदूरों को काम देती है लेकिन सरकारी कर्मचारी और संपन्न लोग मनरेगा मजदूर बनकर लाखों रुपये डकार गये और सबसे बड़ी बात है कि लूट का यह पूरा खेल गांधी की कर्मभूमि चंपारण में चल रहा है.

जिले के चनपटिया प्रखंड के घोघा पंचायत में सूचनाा के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में मनरेगा में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है. इस घोटाले में सरकारी कर्मचारी के साथ इलाके के संपन्न लोग शामिल है.

MANREGA9

MANREGA-2

फायदा उठाने वालों में सरकारी बाबू हैं शामिल

मजदूर बनकर फायदा उठाने वालों में पूर्व मुखिया नन्हे मिश्रा भी हैं जिनका जॉब कार्ड संख्या 1440 है. इसके अलावा प्रमोद तिवारी,जॉब कार्ड संख्या 1454 जो होमगार्ड में स्थायी जवान हैं. ह्दयानंद मिश्र बेतिया कोर्ट में मुख्तार हैं और इनका जॉब कार्ड संख्या 1429 हैं. इन्होंने भी मजदूर बनकर हजारों का चूना लगाया है.

जॉब कार्ड संख्या 1434 शशिभूषण प्रसाद सिक्ता पीएसी में क्लर्क हैं जबकि जॉब कार्ड संख्या 1455 धन्नंजय तिवारी पेशे से सरकारी शिक्षक हैं. इसके अलावा जॉब कार्ड संख्या 1435 अमरेश दुबे इलाके के संपन्न जमींदार हैं. जॉब कार्ड संख्या  1457 राजेशमणी त्रिपाठी, यूकेजीबी के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक है.

जॉब कार्ड संख्या  1448 राजकिशोर कुशवाहा पेशे से शिक्षक हैं लेकिन इन्होंने ने भी मनरेगा में मजदूर बनकर हजारों का चूना लगाया है.

 इन योजनाओं के तहत उठाई गई राशि 

योजना संख्या 13/2010-11 में  

इस योजना में एक भी काम नहीं हुआ. इस योजना के लिए कुल 4 लाख 37 हजार नौ सौ की राशि मंजूर की गई थी. गांव में मिट्टी भराई और ईंट सोलिंग का काम था लेकिन बगैर काम किये चार लाख 6 हजार 625 रूपये उठा लिये गये.

योजना संख्या 12/ 2011-12

इस योजना के तहत गांव के घोघा चौक पर पुलिया का निर्माण कराना था. इस योजना के लिए मंजूर कलु राशि 2 लाख 87 हजार 400 थी लेकिन 2 लाख 86, 602 निकाल लिये गये लेकिन पुलिया का निर्माण नहीं हुआ.

वृक्षारोपण योजना संख्या 07/ 2011-12

मंजूर राशि तीन लाख 35 हजार 244 रूपये लेकिन बगैर पेड़ लगाये 2 लाख 71 हजार 156 रुपये उठा लिये गये.

फिलहाल पंचायत के कुल आठ योजनाओं के लिए 40 लाख 45 हजार के आसपास की राशि मंजूर थी जिसका लोगों ने बंदरबांट कर लिया है. मनेरगा में गलत तरीक से पैसा उठाने के मामले में कुल 31 लोगोें के नाम सामने आया है जिसमें इलाके के संपन्न लोग सुरेश दुबे, मनुमनी त्रिपाठी, राजेशमणी त्रिपाठी, ब्रजभूषण तिवारी भी शामिल हैं.

आरटीआई एक्टिविस्ट रमेश मिश्रा का कहना है कि दक्षिणी घोघा पंचायच में  मनरेगा योजना में चालीस लाख 45 हजार नौ सो तीस रूपये का घोटाला हुआ. मुखिया प्रतिमा देवी का कहना है कि घोघा पंचायत में कुल 2213 मजदूरों का मनरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन है लेकिन इनमे से हजारों मजदूरों को तो यह पता भी नहीं है लेकिन उनके नाम पर हजारों रुपये उठा लिये गये.

MANREGA-3

मुखिया नन्हे मिश्रा के कार्यकाल में यह घोटाला हुआ, उसने भी अपने अतिपिछड़ा बताते हुए मजदूरी का भुगतान करा लिया जबकि वो खुद जनरल कैटेगरी में आता है.

पंचायत के पूर्व वार्ड सदस्य की माने राधा कृष्ण यादव का कहना है कि जो काम उन्होंने 2001 में कराया था उसी को वर्तमान मुखिया और मनरेगा से जुड़े कर्मियों और पदाधिकारियों ने कागज में दिखाकर पैसा उठा लिया है.

मजदूरों के हक की बात तो सभी करते हैं लेकिन उनका हक छिनने वालो पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. जिला प्रशासन तमाम सबूत के बावजूद मौन है.

 

प्रफुल्ल कुमार, ईटीवी-बिहार झारखंड

(प्रदेश 18 से साभार)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi