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दिल्ली का बॉस कौन: SC में दिल्ली सरकार ने ये रखा है अपना पक्ष

केजरीवाल सरकार अक्सर शिकायत करती रही है कि चुनी हुई लोकतांत्रित सरकार बिना अधिकार के नहीं हो सकती. ऐसे में किसी निर्वाचित सरकार की क्या परिभाषा होती है, कोर्ट को तय करना चाहिए

FP Staff Updated On: Jul 04, 2018 10:33 AM IST

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दिल्ली का बॉस कौन: SC में दिल्ली सरकार ने ये रखा है अपना पक्ष

दिल्ली एलजी बनाम मुख्यमंत्री मामले में दिल्ली सरकार शुरू से कहती रही है कि किसी भी चुनी हुई सरकार के पास अधिकार होना जरूरी है, तभी कामकाज हो पाएगा.

दिल्ली सरकार ने संविधान के अनुच्छेद-239 एए का हवाला दिया है जिसके के तहत दिल्ली में चुनी हुई सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बताया गया है. केजरीवाल सरकार का कहना है कि जिसे जनता चुने, काम का अधिकार भी उसी के पास होना चाहिए. साथ ही सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 239 एए को परिभाषित करने का आग्रह किया है.

दिल्ली सरकार की दलील रही है कि जमीन, राजकाज और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूची में मौजूद मामले में दिल्ली विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार है लेकिन उसे खुले हाथ काम करने का अधिकार नहीं दिया जाता. दिल्ली सरकार इन्हीं मांगों की लड़ाई लड़ रही है.

केजरीवाल सरकार अक्सर शिकायत करती रही है कि चुनी हुई लोकतांत्रित सरकार बिना अधिकार के नहीं हो सकती. ऐसे में किसी निर्वाचित सरकार की क्या परिभाषा होती है, कोर्ट को तय करना चाहिए.

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