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SC-ST एक्ट के खिलाफ सवर्णों के भारत बंद समेत गुरुवार को इन 4 मुद्दों पर रहेगी देश की नजर

देश के इतिहास में 6 सितंबर 2018 को इन 4 बड़े मुद्दों की वजह से याद किया जाएगा

Updated On: Sep 05, 2018 10:48 PM IST

FP Staff

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SC-ST एक्ट के खिलाफ सवर्णों के भारत बंद समेत गुरुवार को इन 4 मुद्दों पर रहेगी देश की नजर

देश के इतिहास में गुरुवार का दिन चार बड़े मामलों की वजह से याद किया जाएगा. गुरुवार को सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) ने एससी एसटी एक्ट के खिलाफ भारत बंद का ऐलान किया है. इसका ज्यादातर असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है. दरअसल सपाक्स ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चार सितंबर को विशाल रैली निकाली थी. जिसके बाद अब भारत बंद किया जा रहा है.

सरकार को आशंका है कि इस दौरान राज्य में दंगे भड़क सकते हैं इसलिए सुरक्षा के इंतजाम सख्त कर दिए हैं. मध्यप्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलीजेंस) मकरंद देउस्कर ने कहा कि राज्य के अधिकतम जिलों में एतिहातन तौर पर धारा 144 लगा दी गई है. वहीं अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए राज्य में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. बुधवार को ग्वालियर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया था.

दूसरा मामला यह है कि भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इन पांचों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को 5 सितंबर तक घर में नजरबंद रखने का फैसला सुनाया था.

तीसरा बड़ा मामला यह है कि गुरुवार को धारा 377 की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा. चीफ जस्टिस दीपक मिश्र के नेतृत्व में पांच जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. कोर्ट ने 17 जुलाई को इस मसले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. यानि गुरुवार को आने वाले फैसले में यह साफ हो जाएगा कि धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंध बनाना अपराध है या नहीं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने दो बालिगों के बीच सहमति से संबंध बनाने को अपराध की कैटेगरी से बाहर कर दिया था वहीं 2013 के सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया उसमें समलैंगिकता को अपराध माना गया था.

चौथा मामला तेलंगाना से जुड़ा है. यहां जल्द विधानसभा चुनावों की घोषणा हो सकती है. क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव तेलंगाना विधानसभा को गुरुवार को भंग करने की घोषणा कर सकते हैं. एनडीटीवी पर छपी खबर के मुताबिक, सूत्रों ने बताया है कि 6 सितंबर, 2018 को सुबह 6.45 बजे विधानसभा भंग करने का ऐलान किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि समय और तारीख में '6' नंबर इसलिए जोड़ा गया है, क्योंकि ये सीएम केसीआर का लकी नंबर है.

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