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Sawan 2018: सावन के दूसरे सोमवार को बन रहा विशेष संयोग, जानें कैसे

इस सोमवार भगवान शिव को भांग, धतूरा और शहद अर्पित करना उत्तम फलदायी रहेगा

FP Staff Updated On: Aug 06, 2018 08:42 AM IST

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Sawan 2018: सावन के दूसरे सोमवार को बन रहा विशेष संयोग, जानें कैसे

आज यानी 6 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है. देश भर के मंदिरों और शिवालयों में सुबह से भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है. उज्जैन से लेकर भोले की नगरी बनारस तक में श्रद्धालु भगवान शंकर की पूजा-अर्चना कर रहे हैं.

देवघर के बाबा वैद्यनाथ धाम में भी भक्तों की भीड़ भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी है.

कहा जाता है कि सावन के पहले सोमवार का महत्व सबसे अधिक होता है लेकिन इस बार सावन के दूसरे सोमवार के दिन विशेष संयोग बना है. यह विशेष संयोग है स्वार्थ सिद्धि योग. जब कभी यह योग बनता है तब इस मुहूर्त में शुक्र अस्त, पंचक, भद्रा आदि पर विचार करने की जरूरत नहीं होती है. सच्चे मन से पूजा करने पर भगवान का आशीर्वाद मिलता है.

माना जा रहा है कि सावन के दूसरे सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा-आराधना करने वाले भक्तों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ होगा. आज के दिन शिव जी को भांग, धतूरा और शहद अर्पित करना उत्तम फलदायी रहेगा. कालसर्प योग यानी ऐसा योग जो जातक के पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित हो, इसी की शांति के लिए भी यह दूसरा सोमवार बेहद शुभ है.

वहीं स्वार्थ सिद्धि योग की बात करें तो इस योग में शिव की पूजा करने से सारे रुके हुए काम पूरे हो जाते हैं.

सावन के दूसरे सोमवार को भगवान शिव की पूजा-अर्चना इस तरह करें...

शिव जी को कुछ चीजें बहुत ही प्रिय हैं, जैसे- गंगाजल, दूध, शमी के पत्ते, गन्ने का जूस, धतूरा, बेलपत्र, भांग, तुलसी और भोग. इन सारी चीजों को एक जगह इकट्ठा कर लें. शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल चढ़ाएं. यदि गंगाजल न हो तो तांबे के लोटे में ताजा और स्वच्छ जल भरकर शिवलिंग पर अर्पित करें.

इसके बाद दूध, दही, शहद, चावल को शिवलिंग पर अर्पित करें.

फिर बेल पत्र, फूल और माला से शिवलिंग का श्रृंगार करें.

शिवलिंग पर अन्य चीजें जैसे धतूरा, शमी के पत्ते, भांग और तुलसी चढ़ाएं.

उसके बाद चंदन लगाएं और भोग चढ़ाएं. प्रसाद में मिश्री, केला या मीठे बताशे रख सकते हैं.

फिर धूप और अगरबत्ती से शिव का ध्यान करें.

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