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गंगा बचाव के लिए भूख हड़ताल पर बैठे संत गोपाल दास को एम्स में कराया भर्ती

गौरतलब है कि गंगा बचाव के लिए भूख हड़ताल पर बैठे प्रोफेशर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद की गुरुवार को मृत्यु हो गई थी

Updated On: Oct 13, 2018 09:06 PM IST

FP Staff

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गंगा बचाव के लिए भूख हड़ताल पर बैठे संत गोपाल दास को एम्स में कराया भर्ती

गंगा नदी के बचाव में भूख हड़ताल पर बैठे संत गोपाल दास को भी एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ऋषिकेश में गंगा नदी के बचाव के लिए भूख हड़ताल पर बैठे संत गोपाल दास की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हे एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. 36 वर्षीय संत गोपालदास पिछले 110 दिनों से गंगा की रक्षा के लिए उपवास पर हैं. उन्होंने तीन दिन पहले पानी पीना भी छोड़ दिया था.

गौरतलब है कि गंगा बचाव के लिए भूख हड़ताल पर बैठे प्रोफेशर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद की गुरुवार को मृत्यु हो गई थी. स्वामी सानंद 112 दिन से भूख हड़ताल पर थे. उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने उन्हें एम्स में भर्ती कराया था. जहां उनकी मौत हो गई.

स्वामी सानंद की मौत के बाद शनिवार रात संत गोपालदास की भी तबीयत काफी खराब हो गई थी. तबीयत बिगड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने उन्हें एम्स में भर्ती कराया. एम्स, ऋषिकेश के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक ब्रिजेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि उन्हें तड़के तीन बजकर 45 मिनट पर एम्स लाया गया और आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया.

प्रशासन ने दी जबरन खिलाने की अनुमति

एम्स में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के दल की प्रमुख मीनाक्षी धर ने बताया कि लंबे समय से उपवास करने के चलते संत गोपालदास की हालत खराब है. उनमें पानी की भी कमी है. उनके शरीर में शर्करा का स्तर गिरकर 65 पर पहुंच गया है. उन्होंने कुछ भी खाने या इलाज कराने से इनकार कर दिया है जिसके कारण उन्हें नसों के जरिए तरल भोजन दिया जा रहा है.

प्रशासन ने गोपालदास की जान बचाने के लिए उन्हें जबरन खिलाने समेत कोई भी कदम उठाने की एम्स को अनुमति दे दी है. संत गोपालदास ने बद्रीनाथ में गंगा नदी की तलहटी में खनन के खिलाफ अपना उपवास शुरू किया था और वह 24 जून से ऋषिकेश में गंगा के बाग घाट और त्रिवेणी में उपवास कर रहे थे. उनके समर्थक अरविंद हटवाल ने एम्स में यह जानकारी दी.

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