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सलमान नदवी ने बाबरी मस्जिद पर दावा छोड़ने के एवज में मांगी 5 हजार करोड़ की रिश्वत

नदवी पर यह आरोप अयोध्या सदभावना समन्वय समिति के अध्यक्ष व श्री श्री रविशंकर के करीबी अमरनाथ मिश्रा ने लगाया है

Updated On: Feb 15, 2018 12:04 PM IST

FP Staff

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सलमान नदवी ने बाबरी मस्जिद पर दावा छोड़ने के एवज में मांगी 5 हजार करोड़ की रिश्वत

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के कार्यकारी सदस्य रहे सलमान नदवी पर सनसनीखेज आरोप लगा है. आरोप के मुताबिक, अयोध्या विवाद सुलझाने का फॉर्मूला बताने और मस्जिद को शिफ्ट करने का सुझाव देने के बदले नदवी ने पांच हजार करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी.

नदवी पर यह आरोप अयोध्या सदभावना समन्वय समिति के अध्यक्ष व श्री श्री रविशंकर के करीबी अमरनाथ मिश्रा ने लगाया है.

अभी हाल में एआईएमपीएलबी के सदस्य नदवी ने श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी और विवादित जमीन पर राम मंदिर बनाने और मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करने का फॉर्मूला दिया था.

क्या है पूरा मामला?

जैसा कि न्यूज18 की खबर बताती है, अमरनाथ मिश्रा की 4 फरवरी को लखनऊ के नदवा कॉलेज में मौलाना नदवी से मुलाकात हुई थी. उन्होंने इस मुलाकात में कहा कि हिंदु पक्षकारों की तरफ से जो प्रस्ताव हों वह उन्हें लिखकर दे दें, इन प्रस्तावों पर बोर्ड की होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी.

अमरनाथ के मुताबिक, उन्होंने यह प्रस्ताव मौलाना नदवी को लिखकर दे दिया था. मौलाना ने यह प्रस्ताव मीडिया में लीक कर दिया जिससे बोर्ड मौलाना से नाराज हुआ, मौलाना को इस प्रस्ताव पर पहले बोर्ड में चर्चा करना चाहिए था. यही नहीं मौलाना इस बैठक से पहले श्री श्री रविशंकर से मिलने बेंगलुरु भी गए थे. अमरनाथ मिश्रा ने बताया है कि मौलाना से उनकी 4 फरवरी की मुलाकात के दौरान इमाम कौंसिल के महासचिव हाजी मसरूर खान भी मौजूद थे. अमरनाथ का कहना है कि मौलाना नदवी अयोध्या का इस्लामीकरण करना चाहते हैं. वह अयोध्या को नए मक्का मदीना बनाना चाहते हैं. इसीलिए जब उन्होंने हमसे प्रस्ताव मांगा था तो साथ में पांच हजार करोड़ रुपए, दो एकड़ जमीन और राज्यसभा की सीट मांगी थी.

इसलिए नदवी को बोर्ड से निकाला गया

इससे पहले एआईएमपीएलबी ने अपने कार्यकारी सदस्य का पद छोड़ने की मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी के फैसले को मंजूरी दे दी थी. दरअसल, अयोध्या विवाद पर उन्होंने कुछ ही दिन पहले श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी और बोर्ड की बैठक में कहा था कि मस्जिद को दूसरी जगह ले जाया जाना शरिया के मुताबिक मुमकिन है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने आधिकारिक टि्वटर अकाउंट पर कहा था, ‘‘मौलाना सलमान नदवी अब बोर्ड के सदस्य नहीं हैं. बोर्ड की उप समिति ने संगठन छोड़ने के उनके फैसले को कबूल कर लिया है.’’ हालांकि, बोर्ड के सदस्य कासिम रसूल इलयास ने कहा कि इस विषय पर बोर्ड के विचारों से असहमति जताने को लेकर नदवी के खिलाफ कार्रवाई की गई.

इलयास ने कहा कि बोर्ड ने एक रुख अपनाया और कार्रवाई की ... यह बोर्ड का आमराय से लिया गया फैसला है. अब वह आजाद हैं. बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी और बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी ने पत्रकारों को बताया था कि नदवी ने बोर्ड के रुख के खिलाफ बयान दिए थे.

(इनपुट भाषा से भी)

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