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सेफ मदरहुड डे: मांओं को बचाने का उत्सव

नेशनल सेफ मदरहुड डे के मौके पर हमारा फर्ज है कि हम जच्चा-बच्चा की सेहत का पूरा ख्याल रखें

Updated On: Apr 11, 2017 03:28 PM IST

Ankita Virmani Ankita Virmani

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सेफ मदरहुड डे: मांओं को बचाने का उत्सव

क्या आपको पता है कि मुमताज महल की मौत प्रेगनेंसी के दौरान दिक्कतों की वजह से हुई थी. 1631 में अपने 14वें बच्चे गोहारा बेगम को जन्म देते वक्त उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.

क्या है इस जिक्र की वजह?

आप सोच रहे होंगे कि आज आपको यह बताने की वजह जरूरत क्यों पड़ी? आज नेशनल सेफ मदरहुड डे है.

मां बनना शायद किसी भी औरत के लिए सबसे बड़ी नेमत है. लेकिन क्या आपको इस बात का अहसास है कि इसके लिए एक औरत और उसके शरीर को कितने दर्द और मुश्किलों से गुजरना पड़ता है.

मौत का क्या है आंकड़ा?

दुनिया में हर मिनट एक औरत की मौत प्रेगनेंसी की दिक्कतों की वजह से होती है. इनमें से लगभग 15 फीसदी मौतें अकेले भारत में होती हैं.

इनमें से ज्यादातार मौतों की वजह डिलीवरी के दौरान ज्यादा खून के बहाव के कारण होती है. इसके अलावा इंफेक्शन, असुरक्षित गर्भपात या ब्लड प्रेशर भी अहम वजहें हैं.

भारत में आज भी सबसे बड़ी चुनौती प्रेगनेंसी में लापरवाही है

भारत में आज भी सबसे बड़ी चुनौती प्रेगनेंसी में लापरवाही है

क्या है चुनौती?

महिलाओं के सामने सबसे बड़ी परेशानी अनवांटेड प्रेग्नेंसी यानी अनचाहे गर्भ की होती है. अगर वो अबॉर्शन की सोचें, तो भी मुसीबत न सोचें तो भी मुसीबत.

दूसरे भारत में ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं, जो फैमिली प्लानिंग या परिवार नियोजन फैक्टर से बिल्कुल अनजान हैं. उन्हें नहीं पता कि परिवार नियोजन के बारे में जानकर और जरूरी निर्देशों के हिसाब से चलें तो, बहुत सी परेशानियों का हल निकाला जा सकता है.

इनके अलावा, भारत में आज भी सबसे बड़ी चुनौती प्रेगनेंसी और उससे जुड़े कॉम्पलिकेशंस के बारे में सही जनकारी न होना है. दूसरा, मेडिकल सुविधाओं का ना मिलना या फिर बगैर डॉक्टर डिलीवरी के कारण भी मौतें होती हैं.

खानपान का भी अभाव

एक और बड़ा पहलू यह है कि जिसकी तरफ हम ध्यान देना भूल जाते है. यह  है प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को पौष्टिक खाना ना मिलना.

प्रेगनेंसी में कॉम्पलिकेशनस की यह भी एक अहम वजह है. इतना ही नहीं, बच्चों में भी कुपोषण की शुरुआत मां की कोख से ही हो जाती है.

कई और वजहें भी

जच्चा-बच्चा की मौत की एक अहम वजह है वक्त पर डिलीवरी न होना. कई बार परिवारवाले पंडित से डिलीवरी की तारीख निकलवाते हैं. इस चक्कर में मां और बच्चे मौत की मुंह तक पहुंच जाते हैं.

इन बातों पर ध्यान देना जरूरी 

प्रेगनेंसी में डॉक्टर की राय जरूर लें.

डॉक्टर से ज्यादा भरोसा अपने तांत्रिक और पंडित पर न करें. यह एक मेडिकल प्रक्रिया है. इसमें कोई पंडित आपकी कोई मदद नहीं कर पाएगा.

गर्भवती महिलाओं के खाने-पीने का खासतौर पर ध्यान रखें. संपूर्ण पोषण पर मां और बच्चे दोनों का अधिकार है.

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