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सबरीमाला मंदिरः सोमवार से खुलेंगे मंदिर के कपाट, 1500 पुलिस तैनात, धारा 144 लागू

प्रशासन ने पूरे इलाके को एक बड़ी छावनी में तब्दील कर दिया है, पंबा से सन्निधनम के बीच करीब 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो सके

Updated On: Nov 04, 2018 01:15 PM IST

FP Staff

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सबरीमाला मंदिरः सोमवार से खुलेंगे मंदिर के कपाट, 1500 पुलिस तैनात, धारा 144 लागू
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केरल के सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार से एक बार फिर मंदिर के कपाट खुल जाएंगे. विशेष पूजा के इस आयोजन के बीच किसी भी तरह के गतिरोध से निपटने के लिए प्रशासन ने पुरजोर तैयारी शुरू कर दी है. एनडीटीवी की खबर के अनुसार प्रशासन ने पूरे इलाके को एक बड़ी छावनी में तब्दील कर दिया है. पंबा से सन्निधनम के बीच करीब 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो सके. इसके साथ ही कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है.

प्रशासन ने विशेष पूजा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पिछले महीने 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया था. इसे लेकर कई जगहों पर काफी हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे. इसे देखते हुए ही प्रशासन ने विशेष पूजा को लेकर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है. दरअसल, प्रदर्शनकारी 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को प्रवेश न देने की मांग को लेकर अब भी अड़े हुए हैं. यही वजह है कि प्रशासन इस बार किसी भी तरह की आशंका को देखते हुए पहले से मुस्तैद हो गई है.

4 से 6 नवंबर तक सन्नीधनम, पंबा, निलाक्कल, इलावंकुल में धारा 144

दरअसल 4 से 6 नवंबर तक सन्नीधनम, पंबा, निलाक्कल और इलावंकुल में धारा 144 लगाने का फैसला किया गया है. फिलहाल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है. आईजी अशोक यादव ने बताया, 'पंबा से सन्निधनम के बीच 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.' इस बीच बीजेपी ने 6 दिनों की रथयात्रा निकालने का भी ऐलान भी किया है. यह रथयात्रा कासरगोड से सबरीमाला तक 8 नवंबर 2018 से निकाली जाएगी. इस रथयात्रा को निकालने के पीछे उद्देश्य यह है कि सबरीमाला मंदिर की परंपरा और रिवाजों को बचाया जा सके.

16 नवंबर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के शामिल होने की भी संभावना

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 16 नवंबर 2018 को नियमित वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए खुल रहे मंदिर के कपाट में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है. सबरीमाला मंदिर में आकर पूजा करने की बात पर उनके विवादित बयान ने हालांकि कई सावल खड़े कर दिए हैं. बता दें कि शाह ने कहा था कि बीजेपी अयप्पा भक्तों के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी. शाह ने आरोप लगाया था कि केरल के अंदर मंदिरों की परंपरा को खत्म करने की कोशिश कम्युनिस्ट सरकार कर रही है. उन्होंने कहा था कि सरकार और कोर्ट को ऐसे आदेश देने चाहिए, जिनका पालन हो सके. उन्हें ऐसे आदेश नहीं देने चाहिए जहां लोगों की आस्था का सम्मान न हो सके.

महिला पत्रकारों को न भेजने की अपील 

वहीं सबरीमला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ आंदोलन कर रहे कई हिंदू संगठनों ने मीडिया संगठनों से इस मुद्दे को कवर करने के लिए महिला पत्रकारों को न भेजने की अपील की है. यह अपील तब की गई है जब भगवान अयप्पा मंदिर विशेष पूजा के लिए सोमवार को खुलने वाला है.

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