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सबरीमाला मंदिर: केरल सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, CM विजयन करेंगे सभी पार्टियों से बात

बैठक बुलाने का फैसला उस दिन आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में 10 से 50 साल की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगी सदियों पुरानी रोक को हटाने के अपने 28 सितंबर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया

Updated On: Nov 14, 2018 05:35 PM IST

FP Staff

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सबरीमाला मंदिर: केरल सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, CM विजयन करेंगे सभी पार्टियों से बात

केरल सरकार ने सबरीमाला में भगवान अयप्पा के मंदिर से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 15 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में सीएम पिनाराई विजयन भी शामिल होंगे. बैठक बुलाने का फैसला उस दिन आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में 10 से 50 साल की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगी सदियों पुरानी रोक को हटाने के अपने 28 सितंबर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही अपने फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 22 जनवरी को खुली अदालत में पुनर्विचार का निर्णय लिया.

इसके बाद दो महीने चलने वाले वार्षिक ‘मंडल मक्कराविलक्कू’ की शुरुआत 17 नवंबर को होगी और बैठक में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता में जस्टिस आरएफ नरिमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदू मल्होत्रा की पीठ ने 49 पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली.

कोर्ट ने कहा है कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित 28 सितंबर को दिए गए फैसले पर किसी तरह का स्टे नहीं लगेगा. इस मामले में बीजेपी के केरल अध्यक्ष श्रीधरन पिल्लई का भी बयान आया है. उन्होंने कहा, 49 पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई का फैसला उन प्रदर्शनकारियों के लिए एक जीत है, जो 10 से 50 आयु वर्ग में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे थे.

गौरतलब है कि सबरीमाला पर कोर्ट के आदेश के बाद केरल में हिंसा की कई खबरें सामने आईं थीं. जिसके बाद इस आदेश के खिलाफ अब तक 49 पुनर्विचार याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं.

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हर आयु वर्ग की महिलाओं को सबरीमला मंदिर में प्रवेश की अनुमति देने संबंधी आदेश की समीक्षा की याचिकाओं पर फैसले के बाद ही नई याचिकाओं पर सुनवाई होगी

क्या है सबरीमाला विवाद, क्यों मचा है इस पर हंगामा

केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल तक की आयु की महिलाओं को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. विवाद की शुरुआत कन्नड़ अभिनेत्री जयमाला के दावे से हुई थी. दरअसल 2006 में मंदिर के ज्योतिषी परप्पनगडी उन्नीकृष्णन ने कहा था कि मंदिर में मौजूद भगवान अयप्पा अपनी शक्ति खो रहे हैं और वह नाराज हैं. उन्नीकृष्णन ने कहा था कि किसी युवा महिला के मंदिर में प्रवेश करने की वजह से ऐसा हुआ है.

इसके बाद कन्नड़ अभिनेता प्रभाकर की पत्नी जयमाला का दावा सामने आया था. जयमाला ने कहा था कि उन्होंने अयप्पा की मूर्ति को छुआ था, बात 1987 की है, वह अपने पति के साथ मंदिर गई थीं और धक्का लगने की वजह से अयप्पा के चरणों में गिर गईं. अब वह इस बात का प्रायश्चित करना चाहती हैं.

(भाषा से इनपुट)

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