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सबरीमाला: हिंदू नेता की गिरफ्तारी के विरोध में केरल में हड़ताल, पंबा में लगाए गए ड्रोन

वहीं मंदिर में प्रवेश करने के लिए पहुंची महिला कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को 14 घंटे तक चले भारी ड्रामें के बाद बैरंग वापस लौटना पड़ा

Updated On: Nov 17, 2018 10:53 AM IST

FP Staff

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सबरीमाला: हिंदू नेता की गिरफ्तारी के विरोध में केरल में हड़ताल, पंबा में लगाए गए ड्रोन

भगवान अयप्पा स्वामी के दर्शन के लिए सबरीमाला जा रही संघ परिवार की वरिष्ठ नेता की गिरफ्तारी के विरोध में दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों ने शनिवार को केरल में सुबह से शाम तक हड़ताल बुलाई है. इसको देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. पंबा में ड्रोन से लोगों पर नजर रखी जा रही है.

विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष एसजेआर कुमार ने आरोप लगाया कि हिंदू एक्यावेदी प्रदेश अध्यक्ष केपी शशिकला को पुलिस ने सबरीमला के निकट माराकोट्टाम से शुक्रवार देर रात करीब ढ़ाई बजे गिरफ्तार किया.

कुमार ने बताया कि वह भगवान की पूजा करने के लिए पूजन सामग्री लेकर पहाड़ी पर चढ़ रही थीं, उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया. कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार सबरीमला मंदिर को नष्ट करना चाहती है. वीएचपी नेता ने कहा कि हड़ताल के दौरान जरूरी सुविधाओं और अयप्पा श्रद्धालुओं के वाहनों को नहीं रोका जाएगा.

वहीं महिला कार्यकर्ता तृप्ति देसाई का रास्ता रोकने के आरोप में करीब 500 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया. सबरीमाला दर्शन के लिए पुणे से कोच्ची एयरपोर्ट पहुंची तृप्ति को करीब 14 घंटे तक चले भारी ड्रामें के बाद वापस लौटना पड़ा.

तृप्ति देसाई ने कहा कि पुलिस ने कहा है कि अगली बार जम हम आएंगे तो सुरक्षा दी जाएगी. हम नहीं चाहते कि हमारे वजह से हिंसा हो, इसलिए हमने लौटने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इस बार हम घोषणा कर के आए थे लेकिन अगली बार गुरिल्ला तकनीक से मंदिर पहुंचेंगे.

सबरीमाला में प्रवेश नहीं कर पाने के बाद मुंबई लौटी तृप्ति देसाई ने कहा कि विरोध कर रहे लोगों ने हिंसा का सहारा लिया, गुंडागर्दी किया. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. वे स्वयं भगवान अयप्पा के भक्तों को बुलाते हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे उनके भक्त हो सकते हैं. वे हमें गालियां और धमकी दे रहे थे. उन्होंने हमारे साथ दुर्व्यवहार भी किया.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयप्पा स्वामी मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दिए जाने के बाद मंदिर तीसरी बार खुला है. शनिवार से शुरू हो रही दो महीने लंबी तीर्थ यात्रा के लिए मंदिर शुक्रवार को खुला. यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

41 दिनों तक चलने वाला मंडलम उत्सव मंडला पूजा के बाद 27 दिसंबर को संपन्न होगा जब मंदिर को ‘अथाझापूजा’ के बाद शाम को बंद कर दिया जाएगा. यह 30 दिसंबर को मकराविलक्कू उत्सव पर फिर से खुलेगा. मकराविलक्कू उत्सव 14 जनवरी को मनाया जाएगा जिसके बाद मंदिर 20 जनवरी को बंद हो जाएगा.

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