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सबरीमाला विवाद: दो महिलाओं ने किया मंदिर में जाने का प्रयास, पुलिस ने लौटाया वापस

अयप्पा मंदिर में दर्शन की कोशिश करने वाली कई महिलाओं को न सिर्फ बाहरी प्रदर्शनकारियों से खतरा है, बल्कि उनके परिवार भी कर रहे हैं उनपर हमला

Updated On: Jan 19, 2019 07:18 PM IST

FP Staff

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सबरीमाला विवाद: दो महिलाओं ने किया मंदिर में जाने का प्रयास, पुलिस ने लौटाया वापस

शनिवार को केरल के सबरीमाला मंदिर में जाने की कोशिश करने वाली दो महिलाओं को प्रदर्शनकारियों के डर के कारण पंबा जिले से ही वापस लौटना पड़ा. दरअसल उन महिलाओं को रोकने के लिए वहां काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी इसलिए पुलिस ने उन्हें वापस जाने के लिए कहा.

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक यह दोनों महिलाएं रेशमा निशांत और शनीला सजेश कन्नूर जिले की रहने वाली हैं. इन महिलाओं ने इस महीने की शुरुआत में भी मंदिर के भीतर जाने का एक प्रयास किया था. तब भी वह प्रवेश ना पा सकी थीं. हालांकि, शनिवार को उनके साथ छह आदमी भी थे.

जान को खतरा होने के बाद भी महीलाएं कर रही हैं प्रवेश की कोशिश

सबरीमाला विवाद को लेकर हो रहे प्रदर्शनों ने न केवल भक्तों बल्कि केरल सरकार और राज्य पुलिस फोर्स में भी डर पैदा कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर महीने में सदियों पुरानी परंपरा को खत्म करते हुए मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था. इसी के बाद से कई महिलाएं मंदिर के भीतर प्रवेश की कोशिश कर रही हैं.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर देश भर में खासकर केरल में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. साथ ही महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ उतरे प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों के उलट कई महिलाएं अपनी जान को खतरा होने के बाद भी मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश कर रही हैं.

न सिर्फ बाहर बल्कि घर में भी झेलना पड़ रहा है महिलाओं को विरोध

हालांकि मंदिर में जाने का प्रयास करने वाली कई महिलाओं को न सिर्फ बाहरी प्रदर्शनकारियों से बल्कि उनके घरवालों की तरफ से भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश कर पूजा अर्चना कर इतिहास रचने वाली महिला कनक दुर्गा को उन्हीं की सास का विरोध झेलना पड़ा. टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक जब कनक दर्शन कर घर लौटी तो उनकी सास ने उन पर लकड़ी से हमला किया.

यह हमला उन खबरों की पृष्ठभूमि में किया गया था, जिनमें उनके इस प्रयास का उनके पति और ससुराल वालों ने कड़ा विरोध किया था. कनक दुर्गा पर हुए इस हमले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल पुलिस को निर्देश दिया कि वह दुर्गा और बिंदू अम्मिनी को चौबीस घंटे सुरक्षा मुहैया कराए.

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