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प्रद्युम्न हत्याकांड: सीबीआई के कसते शिकंजे से चालबाजों की हर चाल नाकाम

सीबीआई जिस तरह प्रद्युम्न केस में तफ्तीश कर रही है उससे कई चालबाजियां नाकाम हुई हैं

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Nov 10, 2017 07:10 PM IST

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प्रद्युम्न हत्याकांड: सीबीआई के कसते शिकंजे से चालबाजों की हर चाल नाकाम

प्रद्युम्न मर्डर मिस्ट्री में सीबीआई जल्द ही एक और नया खुलासा कर सकती है. सीबीआई सूत्रों की तरफ से यह संकेत मिल रहे हैं कि इस हत्याकांड में एक और छात्र की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है. इस छात्र की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. ऐसा कहा जा रहा है कि यह छात्र भी सोहना का ही रहने वाला है.

कुछ दिन पहले ही इस मर्डर मिस्ट्री में सीबीआई ने गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल के एक छात्र को गिरफ्तार किया था. 11वीं के इस छात्र की गिरफ्तारी के बाद से ही सीबीआई इस हत्याकांड का खुलासा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है.

गौरतलब है कि सीबीआई शुक्रवार को भी गिरफ्तार छात्र को रायन इंटरनेशनल स्कूल ले जाकर क्राइम सीन दोहरा रही है. सीबीआई को आरोपी छात्र से पूछताछ करने के लिए तीन दिन का रिमांड मिला है. शुक्रवार को रिमांड का दूसरा दिन है.

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हम आपको बता दें कि पिछले बुधवार को ही जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने सीबीआई को आरोपी छात्र से पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड दिया था. पिछले गुरुवार को भी सीबीआई ने मौका-ए-वारदात पर पहुंच कर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया था. आरोपी छात्र को सीबीआई उस दुकान पर भी ले कर गई थी जहां से उसने चाकू खरीदा था.

प्रद्युम्न के पिता

प्रद्युम्न के पिता

सीबीआई ने गुरुवार को भी आरोपी छात्र से 6 घंटे की पूछताछ की थी. आरोपी छात्र से पूछताछ के बाद सीबीआई के एक अधिकारी ने जुविनाइल जस्टिस बोर्ड को बताया था कि आरोपी छात्र ने अपने पिता, एक स्वतंत्र गवाह और सोशल वेलफेयर बोर्ड के एक मेंबर के सामने अपना अपराध दोबारा से कबूला है. साथ ही आरोपी छात्र ने एक बार फिर से परीक्षा टालने की भी बात स्वीकारी है.

तीन लोगों के सामने गुनाह कबूल करने के बाद भी आरोपी छात्र के परिजनों ने सीबीआई पर बच्चे को फंसाने का आरोप लगया है. परिजनों का कहना है कि जब आरोपी छात्र पढ़ने में अच्छा है तो वह इस तरह की घटना को कैसे अंजाम दे सकता है.

दूसरी तरफ सीबीआई की तरफ से ये कहा जा रहा है कि बच्चा दिमागी तौर पर कमजोर है. सीबीआई के मुताबिक आरोपी छात्र ने पीटीएम (पैरेंट्स-टीचर मीटिंग )और परीक्षा रद्द करवाने के लिए प्रद्युम्न की हत्या की. सीबीआई के दावे को आरोपी छात्र के दोस्तों के तरफ से भी रजामंदी मिल रही है. ऐसे में सीबीआई सबूत के तौर पर अपना पक्ष मजबूत करने के लिए कई तरह के प्रयोग में लग गई है.

सीबीआई आरोपी छात्र के पिता और दो स्वंतत्र लोगों के सामने इस लिए साक्ष्य तैयार कर रही है, ताकि कल को कोर्ट में बच्चा अगर मुकरता है तो यह बात उसके खिलाफ जा सके.

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सीबीआई पूरे घटनाक्रमों का वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवा रही है. कुल मिलाकर रिमांड के दौरान मिनट टू मिनट का वीडियो तैयार कर सीबीआई अदालत में अपना पक्ष मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है.

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो आरोपी छात्र को झूठ पकड़ने वाली मशीन के सामने भी पेश किया जा सकता है. सीबीआई इसके लिए अदालत से अनुमति लेने पर भी विचार कर रही है. प्रद्युम्न मर्डर केस में पॉलीग्राफिक टेस्ट या लाई डिटेक्टर से भी आरोपी छात्र को गुजरना पड़ सकता है.

नार्को टेस्ट भारत जैसे देशों में बैन है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए प्रतिबंध लगा रखा है और दूसरे देश में भी नार्को टेस्ट की इजाजत नहीं है. भारत में विशेष परिस्थिति में कोर्ट के आदेश के बाद ही नार्को टेस्ट की अनुमति मिलती है. कोर्ट बच्चे की मानसिक स्थिति और उम्र के हिसाब से नार्को टेस्ट की अनुमति दे भी सकता है और उसे रिजेक्ट भी कर सकता है.

देश के जाने-माने क्रिमिनल लॉयर और राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी ने फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहा, ‘देखिए इस तरह के केसेज में जो भी इंवेस्टिगेशन होते हैं, वह बेहद ही पेचीदा और मुश्किल होते हैं. क्योंकि, एक हादसा हो गया है उसमें कौन गवाह सच बोल रहा है कौन गवाह झूठ बोल रहा है, इसके लिए दोबारा-दोबारा से वेरिफाई करने की आवश्यकता पड़ती है. कई बार जब हम वेरिफाई करते हैं तब जाकर पूरी कहानी समझ में आती है. जिस केस में कोई गवाह नहीं होता है उस केस में जो परिस्थितियां होती हैं, उसी को क्रॉस इग्जामिन करना पड़ता है. इसी सब के लिए समय दिया जाता है. मेरे ख्याल से सीबीआई इस केस में पूरी सावधानी के साथ जांच आगे बढ़ा रही है.’

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केटीएस तुलसी आगे कहते हैं, ‘रही बात लाई डिटेक्टर, पॉलिग्राफिक या नार्को टेस्ट की तो यह जबरदस्ती नहीं किए जा सकते और मुल्जिम को यह पूरा अधिकार है कि वह इस तरह के टेस्ट कराने से मना कर दे.’

8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटनेशनल स्कूल के कक्षा दो के एक छात्र प्रद्युम्न की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी. मृतक छात्र प्रद्युम्न ठाकुर के पिता ने सीबीआई जांच में हो रहे प्रगति पर खुशी जाहिर किया है. वरुण ठाकुर का कहना है कि अब उसके बेटे को न्याय मिलेगा.

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