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रायन मर्डर केस: CBI की साख फिर से होगी स्थापित?

सीबीआई को फिलहाल वाहवाही मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ इस हत्याकांड का हस्र भी पूर्व के हत्याकांडों जैसा न हो जाए इसका भी डर सताने लगा है.

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Nov 09, 2017 03:50 PM IST

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रायन मर्डर केस: CBI की साख फिर से होगी स्थापित?

देश में इस वक्त प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई के नए खुलासे की खूब चर्चा हो रही है. दो महीने पहले ही गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के एक छात्र प्रद्युम्न की हत्या हो गई थी. इस हत्याकांड में सीबीआई ने स्कूल के ही 11वीं कक्षा के एक छात्र को गिरफ्तार किया है.

सीबीआई को फिलहाल इस केस को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए वाहवाही मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ इस हत्याकांड का हस्र भी पूर्व के हत्याकांडों जैसा न हो जाए इसका भी डर सताने लगा है.

सीबीआई ने निकाला नया एंगल

इस हत्याकांड में बुधवार को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी को नकारते हुए इस स्कूल की 11वीं कक्षा के एक छात्र को गिरफ्तार कर सनसनी फैला दी थी.

गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस ने इस हत्याकांड में स्कूल के ही एक बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था, जिसने शुरू में तो अपना गुनाह कबूल लिया था, लेकिन बाद में मुकर गया.

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मृतक छात्र प्रद्युमन ठाकुर की रोली-बिलखती मां ज्योति ठाकुर

इस हत्याकांड के शुरुआती दिनों से ही प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन हरियाणा पुलिस का कहना था कि इस हत्याकांड की चार्जशीट सात दिन के अंदर दाखिल कर दी जाएगी, जो कि हरियाणा पुलिस से नहीं हो सका. हरियाणा पुलिस की इस घटना के बाद लगातार फजीहत झेलनी पड़ रही है.

सीबीआई जांच की थी मांग

सीबीआई जांच में देरी को लेकर प्रद्युम्न के पिता हरियाणा के मुख्यमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई थी. जिसके बाद हरियाणा सरकार ने प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.'

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सीबीआई को यह जांच सौंपे जाने के बाद भी कई दिनों तक यह चर्चा गरम थी कि सीबीआई यह जांच लेने में क्यों देरी कर रही है. इस देरी को लेकर प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट में गुहार भी लगाई थी, जिसके कुछ दिन बाद सीबीआई ने जांच शुरू कर दी.

गौरतलब है कि बुधवार को सीबीआई ने प्रद्युम्न हत्याकांड में नया खुलासा कर पूरे देश को चौंका दिया था. हालांकि, इस हत्याकांड के वक्त भी मीडिया में कई एक्सपर्ट्स का कहना था कि हो न हो स्कूल के ही किसी छात्र ने गलत काम करने के चक्कर में प्रद्युम्न की हत्या कर दी हो.

बुधवार को सीबीआई ने जब 11वीं के एक 16 वर्षीय छात्र को इस हत्याकांड में गिरफ्तार किया तो इस बात को कहीं न कहीं बल मिला.

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लेकिन सीबीआई ने आरोपी छात्र के बारे में एक नया खुलासा कर सबको चौंका दिया. सीबीआई की नई थ्योरी के मुताबिक 11वीं के एक छात्र ने स्कूल में होने वाले पीटीएम और परीक्षा रद्द कराने को लेकर प्रद्युम्न की हत्या की. सीबीआई के मुताबिक आरोपी छात्र ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है.

सबूत क्या हैं?

अब सवाल यह है कि सीबीआई के पास सुबूत क्या है? सीबीआई का कहना है कि आरोपी छात्र को कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया है.

हम आपको बता दें कि सीबीआई ने इसी थ्योरी के साथ आरुषि-हेमराज मर्डर केस में भी राजेश तलवार के तीन नौकरों को गिरफ्तार किया था. जिसे कोर्ट में साबित करने में सीबीआई विफल रही थी. जिसका नतीजा यह हुआ कि यह केस आज भी देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री बनकर रह गई है.

आरुषि-हेमराज हत्याकांड में भी सीबीआई ने खुद अपनी पहली जांच और नोएडा पुलिस की जांच को नकारकर राजेश तलवार के तीन नौकरों पर आरुषि-हेमराज की हत्या का आरोप मढ़ दिया था.

गौरतलब है कि आरुषि-हेमराज केस में भी सीबीआई को कोई गवाह नहीं मिला था. प्रद्युम्न हत्याकांड में भी सीबीआई सिर्फ कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के सहारे ही केस को आगे ले जाने की बात कर रही है.

क्या लौटेगी विश्वसनीयता?

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीबीआई की जो विश्वसनीयता आरुषि-हेमराज मर्डर केस मामले में चली गई थी, वह प्रद्युम्न हत्याकांड के जरिए लौट पाएगी?

सीबीआई सूत्र का कहना है कि 8 सितंबर को आरोपी छात्र घर से ही किसी न किसी छात्र की हत्या का प्लान बना कर आया था. सीबीआई के मुताबिक आरोपी छात्र स्कूल पहुंचते हीं स्कूल के टॉयलेट के सामने गैलेरी में शिकार की तलाश करने लगा. जैसे ही प्रद्युम्न टॉयलेट में प्रवेश किया वह भी टॉयलेट में उसके पीछे पहुंच कर घटना को अंजाम दे दिया.

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जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने सीबीआई को आरोपी छात्र से तीन दिन की पूछताछ की इजाजत दी है. सीबीआई ने छह दिन की पूछताछ की इजाजत मांगी थी.

जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने सीबीआई से कहा है कि इस दौरान वह आरोपी छात्र से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही पूछताछ कर सकेगी. इसके बाद आरोपी छात्र को बाल सुधार गृह भेज दिया जाएगा.

ऐसे हो रही थी जांच

हम आपको बता दें कि सीबीआई के लिए यह केस बहुत ही अहम है. सीबीआई पिछले डेढ़ महीने से हरियाणा के सोहना में एक अस्थाई कैंप बना कर केस की तहकीकात कर रही थी.

सीबआई के अधिकारी अलग-अलग वेश बना कर बस कंडक्टर अशोक और आरोपी छात्र के संदिग्ध गितिविधियों पर नजर रख रहे थे. सीबीआई कई बार गिरफ्तार ड्राइवर अशोक से पूछताछ के लिए भोंडसी जेल भी गई थी. साथ ही सीबीआई अशोक के पुराने रिकॉर्ड और उसके चाल-चलन जानने के लिए अशोक के घर के आस-पास वेश बदल कर जानकारी भी हासिल किया.

गौरतलब है कि प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोपी छात्र 16 साल की उम्र को पार कर चुका है. ऐसे में वह नए जुविनाइल जस्टिस बोर्ड के दायरे में भी आ सकता है. सीबीआई कोशिश में लग गई है कि आरोपी छात्र को सामान्य कोर्ट में मुकदमा चले.

गौरतलब है कि साल 2016 में नए जुविनाइल जस्टिस लॉ में रेयर ऑफ द रियरेस्ट केसेज में आरोपियों को सामान्य अदालत में बालिग की तरह मुकदमा चलाने का विकल्प दिया गया है.

जुविनाइल जस्टिस बोर्ड यह तय करेगा कि आरोपी की मानसिक स्थिति, टाइप ऑफ क्राइम्स, परिणाम, आरोपी की समझ के साथ परिस्थितियां किस तरह की थी. इसी आधार पर बोर्ड तय करेगा कि मुकदमा बोर्ड में चलना चाहिए या सामान्य अदालत में?

सीबीआई भी यह समझ रही है कि आरुषि-हेमराज के बाद प्रद्युम्न हत्याकांड को बेनकाब करना उसके लिए कितना अहम है. सीबीआई की विश्वसनीयता और देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी होने के तमगे को सीबीआई किसी भी कीमत से हाथ से जाने नहीं देना चाहती है.

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