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RSS कार्यक्रम: संघ के कार्यक्रम में मोहन भागवत ने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना

मंगलवार को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज 'भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का दृष्टिकोण' का दूसरा दिन है

| September 18, 2018, 06:50 PM IST

FP Staff

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हाइलाइट

Sep 18, 2018

  • 18:51(IST)

    भारत के भविष्य के बारे में संघ के विजन को आरएसएस प्रमुख ने सामने रखा. बुधवार को संघ प्रमुख कार्यक्रम के तीसरे और आखिरी दिन लोगों के प्रश्नों का उत्तर देंगे

  • 18:42(IST)

    सभी प्रकार के सामर्थ से संपन्न है भारत में, हमारे पास आर्थिक नैतिक सामरिक सामर्थ हैं. विविधताओं का हार गूथ कर हम सबको आना होगा. 

  • 18:40(IST)

    संघ के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह, हर्षवर्धन सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री पहुंचे हैं.

  • 18:38(IST)

    हम स्वयं सेवकों से कभी किसी पार्टी विशेष के लिए काम करने के लिए नही कहते , हम उनसे राष्ट्रीय हितों के लिए काम करने वालों का साथ देने को अवश्य कहते है : आरएसएस प्रमुख

  • 18:35(IST)

    सबको लेकर भारत के लोग आगे बढ़ेंगे ये संघ की विचारधारा है, संविधान को मान कर ही संघ चलता है, संविधान कानून का पूर्ण पालन करता है

  • 18:33(IST)

    जिस दिन यहां कहा जाएगा की यहां मुसलमान नहीं चाहिए उस दिन हिंदुत्व नहीं रहेगा. जिस दिन कहा जाएगा कि यहां सिर्फ वेद चलेंगे तब हिंदुत्व नहीं रहेगा.

  • 18:33(IST)

    संघ के कार्यक्रम में भागवत ने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना, कहा हमारे आपस की लड़ाई के कारण विदेश जीते और हम पर कब्जा किया. इस लिए प्रस्तावना में अंबेडकर ने बंधुत्व की बात कही है.

  • 18:28(IST)

    भागवत ने कहा संविधान के अनुशासन का पालन करना सबका कर्तव्य है, संघ इसक सदैव पालन करता है.

  • 18:26(IST)
  • 18:25(IST)

    संघ का मानना है कि संविधान की परिकल्पना के अनुसार सत्ता का केन्द्र बने रहना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है तो हमारा मानना है कि यह गलत है : भागवत

  • 18:19(IST)

    संघ प्रमुख ने कहा, उनको सलाह चाहिए तो वो पूछते हैं, अगर हम दे सकते हैं तो हम देते हैं. पर उनकी राजनीति पर हमारा कोई प्रभाव नहीं है, सरकार की नीतियों पर हमारा कोई प्रभाव नहीं है. वो समर्थ हैं अपने कार्यक्षेत्र में.

  • 18:19(IST)

    साथ चलने का स्वभाव हिंदुत्व है, संपूर्ण समाज का संगठन हमारी दृष्टि में हिंदू है: मोहन भागवत

  • 18:11(IST)

    भागवत ने यह भी कहा कि हिंदुत्व संघ का खोजा विचार नहीं है यह परंपरा है. यह सर्व सम्मत विचार है. 

  • 17:56(IST)

    भागवत ने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने की जरूरत है. महिलाएं हर दिशा में अच्छा काम कर रही हैं. संघ महिलाओं को शक्ति स्वरूप मानता है. 

  • 17:55(IST)

    उन्होंने कहा कि संघ का स्वभाव है कि उसका किसी से बहुत बैर नहीं है और न ही किसी से बहुत दोस्ती है.  

  • 17:55(IST)

    भागवत ने कहा कि स्वयंसेवक अपनी मर्जी से रोजाना के काम करते हैं. वह प्रभाव उत्पन्न करने के लिए काम नहीं करते लेकिन वह अपने आप हो जाता है. हमें राष्ट्र निर्माण में  जो उचित लगता है, वह हम करते हैं. इसमें किसी दल का स्वार्थ नहीं है. यह राष्ट्र की बात है. 

  • 17:51(IST)

    भागवत ने कहा कि स्वयंसेवक हर उस व्यक्ति का सहयोग करते हैं जो समाज के लिए काम करते हैं. फिर चाहें वह हमारे विरोधी हों या समर्थक. 

  • 17:49(IST)

    उन्होंने कहा कि संघ के बैठक के निर्णय से कोई संगठन नहीं चला. सभी स्वयंसेवकों के सहयोग से यह सब चलता है. 

  • 17:47(IST)

    संघ के कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा संघ व्यक्ति निर्माण का काम करता है और स्वयंसेवक समाज का काम करते हैं. 

RSS कार्यक्रम: संघ के कार्यक्रम में मोहन भागवत ने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना

मंगलवार को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज 'भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण' का दूसरा दिन है. सोमवार को पहले दिन के कार्यक्रम में संघ प्रमुख भागवत ने लोगों को संबोधित किया था. वो तीनों दिन संघ के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे.

भागवत ने अपने पहले दिन के संबोधन में डॉ हेडगेवार और उनका संघ के निर्माण में योगदान के बारे में लोगों को बताया था. उन्होंने आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के योगदान का भी जिक्र किया था. संघ प्रमुख आज यानी मंगलवार को भी कार्यक्रम में संबोधन करेंगे.

मंगलवार को 'भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का दृष्टिकोण' कार्यक्रम में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत भावी भारत के बारे में संघ का दृष्टिकोण क्या है इस पर बोलेंगे.

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