S M L

90 मिनट के भाषण में 15 बार 'राम' और 6 बार 'बाबर' का जिक्र, क्या है मोहन भागवत की रणनीति!

मोहन भागवत के भाषण के कुछ की-वर्ड कंपाइल किए गए हैं. इसे संघ के कार्यकर्ताओं के लिए पॉलिसी डॉक्यूमेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है

Updated On: Oct 21, 2018 11:12 AM IST

FP Staff

0
90 मिनट के भाषण में 15 बार 'राम' और 6 बार 'बाबर' का जिक्र, क्या है मोहन भागवत की रणनीति!
Loading...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी के मौके पर गुरुवार को नागपुर में जो भाषण दिया उसे राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अपने भाषण में उन्होंने कई मुद्दों पर बात की इनमें मुगल शासक बाबर से लेकर शहर नक्सल तक का जिक्र शामिल रहा.

करीब 90 मिनट के अपने भाषण में भागवत ने 15 बार राम का जिक्र किया, बाबर का छह बार और भारत की आंतरिक और सीमा की सुरक्षा पर भी उन्होंने काफी देर तक बात की.

उनके भाषण के कुछ की-वर्ड कंपाइल किए गए हैं. इसे संघ के कार्यकर्ताओं के लिए पॉलिसी डॉक्यूमेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि यह भाषण ऐसे वक्त में आया है जब देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. वहीं अगले साल आमचुनाव भी होने हैं.

राम- 15 बार

अपने भाषण में भागवत ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए केंद्र सरकार को एक कानून लेकर आना चाहिए. उन्होंने यह समझाने की कोशिश की कि भारतीयों की मंदिर निर्माण की मांग कितनी न्यायसंगत है.

आरएसएस प्रमुख की यह मांग ऐसे वक्त में आई है जब कई अयोध्या और आसपास की कई हिंदू पुजारियों ने सरकार को राम मंदिर के मुद्दे पर नोटिस भेजा है.

गांधी और बाबर- 6-6 बार

संघ प्रमुख ने कहा कि केवल भारत ही ऐसा देश है जो गांधी के दिखाए सत्य और आध्यात्म के रास्ते पर चल सकता है. वहीं बाबर पर उन्होंने कहा कि बाबर ने राम मंदिर को ध्वस्त करके हमारे आत्मसम्मान को चोट पहुंचाई है. उन्होंने कहा मंदिर के अवशेष मिले हैं लेकिन फिर भी इस मामले में देरी हो रही है.

भागवत ने कहा कि बाबर ने न ही देश के मुस्लिमों को छोड़ा और न ही हिंदुओं को. बाबर की वजह से हमारे समाज के विकास की गति रुक गई.

सबरीमाला- 5 बार

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर केरल में तनाव जारी है. इस बीच आरएसएस चीफ ने कहा कि आस्था के मामले में महिलाओं और पुरुषों को बराबर समझा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसले से पहले श्रद्धालुओं से सलाह की जानी चाहिए थी.

गुरु नानक- 4 बार

भागवत ने अपने भाषण में गुरु नानक का भी जिक्र किया. उन्होंनो कहा, “इस साल गुरु नानक देव का 550वां प्रकाश पर्व है. यह गुरुनानक देव की विरासत ही है जिसने देश को 10 गुरु दिए जिन्होंने हमें गरीबी और हीनता से बाहर निकाला."

शहरी नक्सल- 9 बार

शहरी नक्सल पर जारी विवाद पर भागवत ने कहा कि नक्सलवाद हमेशा से ही शहरी रहा है. उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत के खिलाफ चलाए जा रहे सोशल मीडिया कैम्पेन को पाकिस्तान हवा दे रहा है या फिर यह यूएस का काम है.

आरएसएस चीफ ने कहा कि शहर में रहने वाले पढ़े-लिखे लोग नक्सलवाद को बढ़ावा देते हैं. उन्होंने कहा, 'एक किताब लिखता है, दूसरा उसे पब्लिश करता है, तीसरा उसकी तारीफ करता है और चौथा उस पर आगे की रिसर्च करता है. इस तरह ऐसे हजारों लोगों का नेटवर्क खड़ा हो जाता है.' उन्होंने कहा कि सत्ता में कोई भी रहे नक्सली देश की आलोचना ही करते हैं.

आंबेडकर- 7 बार

आंबेडकर पर बात करते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि आंबेडकर ने हमें जो संविधान दिया है उसे हमें गहराई से पढ़ना चाहिए. भागवत ने एससी/एसटी के लिए बनाई गई योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी पर नाराजगी भी जाहिर की.

पाकिस्तान- 3 बार

पाकिस्तान पर हमलावर होते हुए भागवत ने कहा कि वहां नई सरकार आ गई लेकिन आतंक को लेकर उनका रवैया नहीं बदला. भागवत ने कहा, 'सीमा पर रहने वाले लोगों का पाकिस्तानी गोलीबारी से बड़ा नुकसान होता है. उनके खेत-घर तबाह हो जाते हैं. लेकिन लोग वहां से हटना नहीं चाहते हैं, वे अपनी सुरक्षा के लिए और अधिक मजबूत सेना चाहते हैं.'

भागवत ने अपने भाषण में सुभाष चंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों का भी जिक्र किया. बता दें कि रविवार को बोस की आजाद हिंद फौज को 70 साल हो चुके है.

पिछले साल भागवत ने अपने भाषण में रोहिंग्या, गौरक्षा, जम्मू-कश्मीर और सर्जिकल स्ट्राइक पर बात की थी.

(न्यूज 18 के लिए सुहास मुंशी, रौनक कुमार गुंजन की रिपोर्ट)

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi