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पासपोर्ट ऑफिसर को मिले न्याय, कानून से बढ़कर नहीं सुषमा स्वराज: RSS प्रचार प्रमुख

दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख राजीव तुली ने पासपोर्ट मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की

Updated On: Jun 22, 2018 12:33 PM IST

FP Staff

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पासपोर्ट ऑफिसर को मिले न्याय, कानून से बढ़कर नहीं सुषमा स्वराज: RSS प्रचार प्रमुख

यूपी के पासपोर्ट ऑफिस में हिंदू-मुस्लिम जोड़े के साथ कथित अभद्रता के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख ने अपना विरोध जताया है. दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख राजीव तुली ने पासपोर्ट अधिकारी के गोरखपुर में किए ट्रांसफर पर कहा, 'अधिकारी विकास मिश्रा को न्याय मिलना चाहिए, विक्टिम कार्ड और ऊपरी पहुंच से भी आगे दुनिया है.'

तुली ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'सुषमा स्वराज कानून से बढ़कर नहीं हैं, इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. आशा है कि आप इस अधिकारी की बात सुनेंगी.' हालांकि बाद में तुली ने कहा, 'यह आरएसएस का नहीं बल्कि मेरा निजी विचार है. इस मामले की सही तरह से जांच होना चाहिए.'

बता दें कि यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था जब 2007 में शादी कर चुके मोहम्मद अनस सिद्दकी और तनवी सेठ ने 19 जून को पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था. लखनऊ के पासपोर्ट ऑफिस में डॉक्यूमेंटेशन के लिए इन दोनों को 20 जून का समय मिला था. पहले और दूसरे राउंड का इंटरव्यू होने के बाद तीसरे राउंड से विवाद शुरू हुआ.

अनस ने बताया, 'तीसरे राउंड में जैसे ही पासपोर्ट अधिकारी ने तनवी के पति का नाम देखा तो वह चिल्लाने लगा और उसने तनवी से कहा कि तुम्हें अनस से शादी नहीं करनी चाहिए थी. इसके बाद मेरी पत्नी रोने लगी, अधिकारी ने कहा कि तुम सारे डॉक्यूमेंट्स सही करवाकर लाओ. तनवी ने कहा कि हम नाम नहीं बदलना चाहते और हमारे परिवार को इससे कोई समस्या नहीं है.'

बता दें कि मोहम्मद अनस सिद्दकी और तनवी सेठ नोएडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं.

हिन्दू-मुस्लिम होने के कारण की थी पासपोर्ट की अर्जी खारिज

बता दें कि पासपोर्ट ऑफिसर ने कथित रूप से हिंदू-मुस्लिम कपल की एप्लीकेशन खारिज करने से पहले उन्हें 'शर्मिंदा' भी किया था. अफसर ने तनवी के पति को अपना धर्म बदलकर हिंदू बनने की नसीहत भी दे डाली थी. तनवी सेठ हिन्दू धर्म से ताल्लुक रखती हैं जब कि उनके पति मोहम्मद अनस मुस्लिम समुदाय से हैं. दोनों की शादी मुस्लिम परंपरा के तहत हुई थी.

अपने साथ हुई इस घटना के बाद दंपत्ति ने केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और पीएमओ को ट्वीट करके इसकी जानकारी दी थी और मामले में दखलअंदाजी की मांग की थी.विदेस मंत्रालय ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया.जिसके बाद पासपोर्ट ऑफिसर का तबादला कर दिया गया.

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने कहा कि दंपत्ति को पासपोर्ट जारी कर दिए गए हैं. उन्होंने घटना पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि मामले की जांच करके आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.

पासपोर्ट अधिकारी ने क्या दी थी सफाई

विकास मिश्रा नाम के इस ऑफिसर ने लगाए गए सारे आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उसने कपल में से एक हिन्दू महिला, तनवी सेठ को अपना नाम बदलने के लिए कहा था, क्योंकि उनके निकाहनामा में उनका नाम तनवी के जगह 'शादिया अनस' था.

उन्होंने कहा कि तनवी ने मेरी बात नहीं मानी. चूंकि प्रक्रिया के तहत हमें यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि पासपोर्ट लेने वाला शख्स अपना नाम बदलकर तो पासपोर्ट नहीं ले रहा, इसलिए मैंने पूछताछ की और एपीओ ऑफिस जाने की सलाह दी. मेरी खुद इंटर कास्ट शादी हुई है, भला मुझे उनके अलग-अलग धर्म से जुड़े होने पर क्या दिक्कत होगी.

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