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5 हजार करोड़ का घोटालेबाज नितिन संदेसरा नाइजीरिया में छुपा बैठा है

विजय माल्या, नीरव मोदी के बाद अब नितिन संदेसरा. बैंकों के पैसे लेकर भाग रहे कारोबारियों की लिस्ट बढ़ती जा रही है

Updated On: Sep 24, 2018 04:57 PM IST

FP Staff

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5 हजार करोड़ का घोटालेबाज नितिन संदेसरा नाइजीरिया में छुपा बैठा है

एक महीने पहले ये खबर आई थी कि गुजरात स्थित स्टर्लिंग बायोटेक के मालिक और सीबीआई और ईडी द्वारा 5000 करोड़ के बैंक फ्रॉड में वांटेड नितिन संदेसरा को दुबई में हिरासत में ले लिया गया है. लेकिन अब खबर आ रही है कि वह संयुक्त अरब अमीरात में नहीं है और शायद नाइजीरिया भाग गया है.

सीबीआई और ईडी के शीर्ष स्रोतों के मुताबिक नितिन संदेसरा, उसका भाई चेतन संदेसरा और भाभी दीप्ति बेन संदेसरा सहित परिवार के अन्य सदस्य नाइजीरिया में छुपे हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि भारत और नाइजीरिया के बीच प्रत्यर्पण संधि या म्युचूअल लीगल असिस्टेंट संधि नहीं है और अफ्रीकी देश से उन्हें वापस लाने में मुश्किल होगी.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'ऐसी खबरें थीं कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में नितिन संदेसरा को दुबई में हिरासत में ले लिया गया था. लेकिन यह गलत जानकारी थी. दुबई में उन्हें कभी हिरासत में नहीं लिया गया था. लेकिन वह और परिवार के अन्य सदस्य शायद इससे पहले ही नाइजीरिया चले गए थे.'

हालांकि, जांच एजेंसियां संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों से अनुरोध करने की योजना बना रही हैं कि अगर वो वहां देखे गए तो संदेसरा को 'अस्थायी रूप से गिरफ्तार' कर लें. संदेसरा के खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने का भी प्रयास किया जा रहा है. हालांकि इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि संदेसरा ने भारतीय पासपोर्ट या किसी अन्य देश के दस्तावेज़ पर नाइजीरिया की यात्रा की है.

सीबीआई और ईडी ने गगन धवन को गिरफ्तार कर लिया:

सीबीआई और ईडी ने वडोदरा स्थित स्टर्लिंग बायोटेक, इसके निदेशक नितिन, चेतन और दीप्ति संदेसरा, राजभूषण ओमप्रकाश दीक्षित, विलास जोशी, चार्टर्ड एकाउंटेंट हेमंत हाथी, पूर्व आंध्र बैंक के निदेशक अनुप गर्ग और अज्ञात व्यक्तियों को बैंकों के 5,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के लिए बुक किया है.

ईडी ने जून में दिल्ली स्थित कारोबारी गगन धवन और गर्ग को गिरफ्तार कर लिया और 4,700 करोड़ रुपए की फार्मास्युटिकल फर्म की संपत्ति को जब्त कर लिया. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि संदेसरा को भारत वापस लाना ज्यादा जरुरी है ताकि उनपर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सके. क्योंकि उन्होंने विदेशों में भारी मात्रा में पैसों का हेरफेर किया है.

आरोप है कि संदेसरा ने भारत और विदेशों में 300 से अधिक मुखौटा और बेनामी कंपनियों की स्थापना की है, जिनका उपयोग ऋण के हेरफेर के लिए किया जाता था.

 

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