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रोटोमैक घोटाला: विक्रम कोठारी और उनके बेटे को 11 दिन की रिमांड

शुक्रवार को 1 दिन के रिमांड पर भेजा गया था जिसकी अवधि शनिवार को खत्म हो रही थी

Updated On: Feb 24, 2018 04:40 PM IST

FP Staff

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रोटोमैक घोटाला: विक्रम कोठारी और उनके बेटे को 11 दिन की रिमांड

रोटोमैक पेन्स घोटाला मामले में शनिवार को रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल कोठारी को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 11 दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया. शुक्रवार को 1 दिन के रिमांड पर भेजा गया था जिसकी अवधि शनिवार को खत्म हो रही थी.

3,700 करोड़ के घोटाला मामले में शनिवार को विक्रम कोठारी और उसके बेटे को सीबीआई ने कोर्ट में पेश किया था. इन दोनों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था.

एफआईआर के मुताबिक, कोठारी ने बैंक ऑफ इंडिया से 754.77 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ बड़ौदा से 456.63 करोड़ रुपए, इंडियन ओवरसीज बैंक से 771.07 करोड़ रुपए, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 458.95 करोड़ रुपए, इलाहाबाद बैंक से 330.68 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 49.82 करोड़ रुपए और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 97.47 करोड़ रुपए लोन लिए हैं. कर्ज का मूलधन 2919 करोड़ रुपए है, जबकि बाकी की रकम ब्याज राशि है. आयकर विभाग (आईटी) ने बुधवार को रोटोमैक पेन से जुड़ी चार अचल संपत्तियां कानपुर और अहमदाबाद में जब्त कीं.

कोठारी पर क्या हैं आरोप

सीबीआई ने कोठारी, उनकी पत्नी साधना और बेटे राहुल कोठारी पर लोन की रकम डायवर्ट करने का आरोप लगाया है. ये सभी रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं.

एजेंसी ने 18 फरवरी को बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर केस रजिस्टर किया था. बैंक ऑफ बड़ौदा उस कंसोर्टियम का हिस्सा है, जिसने कोठारी को लोन दिया है. बैंक ने सीबीआई से निवेदन किया था कि कोठारी परिवार के पासपोर्ट जब्त कर लिया जाएं ताकि वे भाग ना सकें. विक्रम कोठारी पर यह आरोप है कि वह पिछले कई साल से लोन डिफॉल्ट कर रहे हैं.

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