S M L

ऋषिकेश में बैन हुए रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसे खेल, हाईकोर्ट ने दिया फैसला

हाईकोर्ट का यह फैसला पर्यावरण में फैल रही अशुद्धता को देखते हुए आया है.

Updated On: Jun 22, 2018 01:15 PM IST

FP Staff

0
ऋषिकेश में बैन हुए रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसे खेल, हाईकोर्ट ने दिया फैसला

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में होने वाले रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसे अन्य जल खेलों के लिए सरकार को दो सप्ताह में उचित नियम और नीति बनाने के निर्देश दिए हैं. तब तक के लिए इन खेलों को प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया है. हाईकोर्ट का यह फैसला पर्यावरण में फैल रही अशुद्धता को देखते हुए आया है.

राफ्टिंग और अन्य जोखिम भरे खेलों से हो जाती है कई लोगों की मौत

ऋषिकेश निवासी हरिओम कश्यप ने हाईकोर्ट में इन जल खेलों की वजह से होने वाले पर्यावरण में गंदगी के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी. उन्होंने इसके दलील में कहा था कि सरकार ने 2014 में भगवती काला व वीरेंद्र सिंह गुसाईं को राफ्टिंग कैंप लगाने के लिए कुछ शर्तों के साथ लाइसेंस दिया था.

कोर्ट ने राफ्टिंग औरअन्य जोखिम के दौरान हो जाने वाली मौतों का हवाला देते हुए,मामले की गंभीरता को समझाया और सरकार को जल्द से जल्द एक पारदर्शी पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि राफ्टिंग कराने का लाइसेंस अनुभवी प्रोफशनल्स को ही दिया जाए. वहीं इस बात पर भी जोर दिया गया कि टूरिज्म जरूरी है लेकिन प्रकृति को दांव पर लगाकर नहीं.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लगाई प्रदेश सरकार को फटकार

बता दें कि ऋषिकेष युवाओं का फेवरेट वेकेशन स्पॉट है. यहां के मशहूर रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग वॉटर गेम्स के जरिए ही 5000 से 7000 लोगों का रोजगार चल रहा है, लेकिन कोर्ट ने पर्यावरण की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि सरकार कैसे नदी किनारे कैंप लगाने की अनुमति दे सकती है? गंगा की पवित्रता को बरकरार रखना सरकार की जिम्मेदारी है. गंगा नदी के किनारे गंदा पानी और कूड़ा डालना अब प्रचलित हो गया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi