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श्रीनगर: राइजिंग कश्मीर के एडिटर शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या

उनकी हालात नाजुक बताई गई है. उनके साथ ड्राइवर और निजी सुरक्षाकर्मी भी थे. इसके बाद उन्हें नजदीक के अस्पताल ले जाया गया

FP Staff Updated On: Jun 14, 2018 10:26 PM IST

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श्रीनगर: राइजिंग कश्मीर के एडिटर शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या

राइजिंग कश्मीर के एडिटर शुजात बुखारी को उनके ऑफिस के बाहर कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. बुखारी को श्रीनगर के प्रेस एवेन्यू में उनके ऑफिस के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी. उन्हें सिर और पेट के पास गोलियां मारी गईं.

उनके साथ ड्राइवर और निजी सुरक्षाकर्मी भी था. इस हमले में सुजात बुखारी के एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई, जबकि दूसरा सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल है. इसके बाद उन्हें नजदीक के अस्पताल ले जाया गया.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुजात बुखारी ने निधन पर लिखा 'राइजिंग कश्मीर के एडिटर शुजात बुखारी पर हमला कायरता की मिसाल है. यह कश्मीर की आवाज को दबाने की कोशिश है. वह निडर पत्रकार थे. उनके निधन से बेहद दुखी हूं. मेरी दुआ हमेशा उनके परिवार के साथ है.'

बीजेपी महासचिव राम माधव ने भी शुजात बुखारी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. राम माधव ने ट्वीट किया 'श्रीनगर में राइजिंग कश्मीर के एडिटर-इन-चीफ की हत्या की खबर सुनकर स्तब्ध हूं. आतंकियों द्वारा की गई एक निंदनीय और कायराना हरकत.'

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लिखा, 'शुजात बुखारी के अचानक निधन से गहरा दुख हुआ. आतंक के संकट ने ईद की पूर्व संध्या पर अपना बदसूरत सिर उठाया है. मैं दृढ़ता से हिंसा के इस अधिनियम की निंदा करती हूं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं. उनके परिवार के लिए मेरी गहरी संवेदना है.'

वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने भी शुजात बुखारी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा यह पूरे कश्मीर, भारत और पत्रकार समुदाय के लिए नुकसान है.

जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष और छात्र नेता शहला रशीद ने भी शुजात बुखारी के निधन पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा 'वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी पर प्रेस कॉलोनी में हमला किया गया. बेहद दुखद.'

पत्रकार निधि रजधान ने भी पत्रकार शुजात बुखारी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा 'कश्मीर से एक दुखद खबर आ रही है. दोस्त और साथी शुजात बुखारी को गोली मारकर हत्या कर दी गई.'

वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन ने भी शुजात को याद किया है. उन्होंने लिखा 'शुजात और मैं द हिंदू में साथी थे. वह एक शानदार रिपोर्टर थे.'

बुखारी की हत्या पर कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि रमजान के महीने में हुई यह बेहद अफसोसनाक घटना है. शुजात बुखारी की हत्या डेमोक्रेसी की हत्या है. मैं इस हमले की घोर निंदा करता हूं.

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