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तंगी में कटा था बचपन लेकिन राजनीति और कारोबार में जनार्दन रेड्डी ने बनाया नाम

जनार्दन रेड्डी के पिता आंध्र प्रदेश पुलिस में कॉन्सटेबल थे. लेकिन जनार्दन रेड्डी ने राजनीति और कारोबार जगत में अपना नाम कमाया.

Updated On: Nov 12, 2018 06:05 PM IST

FP Staff

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तंगी में कटा था बचपन लेकिन राजनीति और कारोबार में जनार्दन रेड्डी ने बनाया नाम

खनन कारोबारी और कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया गया. कर्नाटक की राजनीति में अपना एक अलग मुकाम बनाने वाले जनार्दन रेड्डी का उदय जितना तेज और शानदार रहा, उतनी ही तेजी से वे फर्श पर भी आ गए.

जनार्दन रेड्डी के पिता आंध्र प्रदेश पुलिस में कॉन्सटेबल थे. लेकिन जनार्दन रेड्डी ने राजनीति और कारोबार जगत में अपना नाम कमाया. राजनीति में येदियुरप्पा की बीजेपी सरकार में जनार्दन रेड्डी पर्यटन मंत्री रह चुके हैं. खनिज के लिए प्रसिद्ध बेल्लारी जगह बेल्लारी बंधुओं की वजह से भी चर्चा में रहा है. बेल्लारी बंधुओं में तीन भाई हैं. जिनमें गली सोमशेखर रेड्डी, उनसे बड़े गली जनार्दन रेड्डी और सबसे बड़े गली करुणाकर रेड्डी हैं.

जनार्दन रेड्डी का बचपन काफी तंगी में बीता है. बड़े होने पर तीनों भाईयों ने मिलकर एक चिटफंड कंपनी शुरू की, जो कि ज्यादा नहीं चल पाई. इसके बाद इन्होंने लौह अयस्क की खदानें शुरू कीं, जिसके बाद जनार्दन रेड्डी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. सुंदुरु रेंज नाम से बेल्लारी में पहाड़ों की एक श्रृंखला है. जहां कई पहाड़ लौह अयस्क के बने हैं. यहां की मिट्टी को पिघलाकर लोहा बनता है. रेड्डी ने इसी कारोबार में अपने पांव जमाना शुरू किया. रेड्डी भाईयों ने साल 2002 में शुरू ओएमसी से खनन कारोबार करते थे.

27 रुपए का राजस्व

साल 2008 में पहली बीजेपी सरकार में आने पर जनार्दन रेड्डी मंत्री बने. इसके बाद धीरे-धीरे उनकी बीजेपी में पकड़ भी मजबूत होती गई. लेकिन उन पर कई गैरकानूनी काम और अवैध खनन को लेकर आरोप भी लगे. एक मामले में कर्नाटक के लोकायुक्त रह चुके सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस संतोष हेगड़े ने साल 2007 से रेड्डी के अवैध खनन की जांच की थी. साल 2011 में जस्टिस हेगड़े ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी जिसमें उन्होंने बताया था कि कर्नाटक के बढ़िया गुणवत्ता वाले लौह अयस्कों को अवैध तरीके से निकालकर रेड्डी ने चीन को 6500 से 7000 रुपए प्रति टन की कीमत पर बेच दिया. वहीं राज्य को महज 27 रुपए का राजस्व मिला.

अब जर्नादन रेड्डी पर 600 करोड़ रुपए के कथित पोंजी भ्रष्टाचार का आरोप है. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक कुमार ने बताया कि रेड्डी कहां हैं इसके बारे में पता नहीं था और बुधवार से उनसे सम्पर्क भी नहीं हो पा रहा था. वह शनिवार को केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) कार्यालय पहुंचे थे. रविवार की सुबह पूछताछ खत्म होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें षष्ठम अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 24 नवम्बर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

सीसीबी को रेड्डी की तलाश थी. पुलिस ने करोड़ों रुपए की पोंजी स्कीम घोटाले से कथित रूप से जुड़े करोड़ों रुपए के लेनदेन के सिलसिले में पिछले सप्ताह उन्हें फरार घोषित कर दिया था. रेड्डी के वकील आर पी चंद्रशेखर ने बताया कि रेड्डी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 204, 120बी और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि रेड्डी के खिलाफ धनशोधन निरोधक अधिनियम, 2002 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

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