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1984 Riot: सज्जन कुमार को सजा सुनाते वक्त रो पड़े हाईकोर्ट के जज

सजा सुनाते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि कई दशक से लोग न्याय का इंतजार कर रहे हैं, ये जांच एजेंसियों की नाकामी है कि अब तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ है

Updated On: Dec 17, 2018 03:37 PM IST

FP Staff

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1984 Riot: सज्जन कुमार को सजा सुनाते वक्त रो पड़े हाईकोर्ट के जज

1984 सिख विरोधी दंगे के मामले में 34 साल बाद दंगा पीड़ितों को इंसाफ मिला है. दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी सज्जन कुमार को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई. न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक सज्जन कुमार को सजा सुनाते वक्त हाईकोर्ट के जज रो पड़े. इसके अलावा पीड़ितों के वकील भी कोर्ट में फैसला आने के बाद लगातार रो रहे थे. सज्जन कुमार को सजा सुनाते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि कई दशक से लोग न्याय का इंतजार कर रहे हैं, ये जांच एजेंसियों की नाकामी है कि अब तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ है.

हाईकोर्ट के फैसले से दंगा पीड़ितों का इंतजार खत्म हुआ और उन्हें लगभग 34 साल बाद न्याय मिला. हाईकोर्ट के फैसेल के मुताबिक सज्जन कुमार को षडयंत्र रचने, हिंसा कराने और दंगा भड़काने का दोषी पाया गया है. अब फैसला आने के बाद सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा. उम्रकैद के अलावा सज्जन कुमार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. वहीं सज्जन के अलावा कोर्ट ने बलवान खोखर, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी है. जबकि पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर की सजा बढ़ाते हुए 10-10 साल की जेल की सजा सुना दी है. इसके साथ इन सभी एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी देना होगा.

निचली अदालत के फैसेल को दी गई थी चुनौती

हाईकोर्ट का ये फैसला निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया है. दरअसल इस मामले में निचली अदालत ने फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया था. इसके बाद निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई. हाईकोर्ट ने इससे पहले 29 अक्टूबर को इन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद सोमवार को हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए इस मामले में सज्जन कुमार को दोषी करार दिया

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