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ग्रामीण इलाकों में नकदी की कमी: रिजर्व बैंक

'बैंकों द्वारा ग्रामीण इलाकों में की जा रही नोटों की आपूर्ति ग्रामीण आबादी की जरूरतों के मुताबिक नहीं है.'

Updated On: Jan 03, 2017 11:51 PM IST

FP Staff

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ग्रामीण इलाकों में नकदी की कमी: रिजर्व बैंक

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को ग्रामीण इलाकों में नकदी की कमी को स्वीकार करते हुए वाणिज्यिक बैंकों से कहा है कि वे कम से कम 40 फीसदी नकदी ग्रामीण शाखाओं में भेजें.

मुंबई से समाचार एजेंसी आईएएनएस ने रिजर्व बैंक की एक अधिसूचना के हवाले से लिखा है कि 'बैंकों द्वारा ग्रामीण इलाकों में की जा रही नोटों की आपूर्ति ग्रामीण आबादी की जरूरतों के मुताबिक नहीं है.'

अधिसूचना में कहा गया है कि 'इसलिए बैंकों को सलाह दी जाती है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी), केंद्रीय जिला सहकारी बैंक (डीसीसीबी) और वाणिज्यिक बैंक, व्हाइट लेबल एटीएम और पोस्ट ऑफिस को प्राथमिकता के आधार पर नकदी की आपूर्ति करें.'

गांवों में ज्यादा नोट भेजने के निर्देश 

आरबीआई ने बैंकों से ग्रामीण इलाकों के लिए 500 रुपये, 100 रुपये और उससे कम के ज्यादा नोट जारी करने के लिए कहा. साथ ही प्राथमिकता के आधार पर सिक्कों की आपूर्ति करने को कहा और कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक से भी इसे लिया जाए.

People withdraw money

बीते रविवार को गुरुग्राम में एटीएम के सामने लाइन में लगे लोग (फोटो: पीटीआई)

आरबीआई ने कहा, 'ग्रामीण आबादी की जरूरत प्रत्येक जिले की ग्रामीण और शहरी आबादी के मिश्रण के आधार पर भिन्न होती है. इसलिए बैंक साप्ताहिक औसत आधार पर प्रत्येक जिले की जरूरत के अनुरूप नकदी की आपूर्ति सुनिश्चित करें.'

सरकार ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी कर दी और इसे भ्रष्टाचार, काला धन और आतंकवाद के वित्त पोषण के खिलाफ लड़ाई करार दिया था. इस कदम से देश भर में नकदी की कमी हो गई है.

राष्ट्रीय राजधानी में संकट बरकरार

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के एटीएम व बैंकों को अब भी हालात सामान्य होने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे पर अमल करना बाकी है. मंगलवार को इन मशीनों में से बहुत सारी या तो खराब थी या उनमें पैसे ही नहीं थे. हालांकि एक हफ्ते पहले की तुलना में बहुत अधिक एटीएम में नोट भरे गए हैं लेकिन कोई पैसा निकाल पाए इसके लिए एटीएम के इर्द-गिर्द देखते रहने की जरूरत पड़ रही है.

Last day to submit demonitized notes

नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के अंतिम दिन दिल्ली में रिजर्व बैंक के दफ्तर के बाहर लाइन में लगे लोग (फोटो: पीटीआई)

आईएएनएस के मुताबिक, विकास मार्ग से शुरू कर संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) तक की स्थिति देखने के लिए यात्रा करने पर रास्ते में एक भी एटीएम काम करता नहीं दिखा.

ज्यादातर एटीएम खाली या खराब 

लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास से महज दो किलोमीटर के दायरे में स्थित कनॉट प्लेस में चालू एटीएम दिखे जबकि लगभग उतने ही एटीएम ऐसे थे जिनमें या तो नकदी नहीं थी या वे काम नहीं कर रहे थे.

बी और सी ब्लॉक के स्टैंडर्ड चार्टर्ड एवं भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम के सर्वर ही काम नहीं कर रहे थे. ए ब्लॉक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में नकदी थी और हर एटीएम पर औसतन 15-20 लोग लाइन में थे.

प्रधानमंत्री मोदी ने नकदी संकट पर लोगों से राहत के लिए 50 दिन का समय मांगा था. नोटबंदी के बाद सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों के एटीएम सभी नकदी संकट से जूझ रहे हैं. 50 दिनों की समय सीमा 30 दिसंबर को समाप्त हो गई है लेकिन बैंकों में या एटीएम के जरिए नकदी कम-कम ही मिल रही है. अधिकांश एटीएम अब भी खाली हैं.

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