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हरियाणा में बदलाव: किन्नरों और एसिड अटैक पीड़ितों को आरक्षण

सुप्रीम कोर्ट के बाद ही सही लेकिन अब हरियाणा में किन्नरों को आरक्षण दिए जाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है

FP Staff Updated On: Apr 10, 2018 06:02 PM IST

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हरियाणा में बदलाव: किन्नरों और एसिड अटैक पीड़ितों को आरक्षण

आमतौर पर शादी ब्याह और बच्चों के जन्म पर बधाई मांगने वाले किन्ररों को समाज की मुख्यधारा में लाने की कवायद शुरू हो गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के बाद ही सही लेकिन अब हरियाणा में किन्नरों को आरक्षण दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

किन्नर हमारे समाज में आमतौर पर तिरस्कार की नजर से देखे जाते हैं. पारंपरिक रुप से खुशी के मौकों पर लोगों के घरों में नाच गाकर बधाई किन्नरों का मुख्य काम है लेकिन बदलते समय के साथ किन्नरों को एक बड़ा वर्ग भीख मांगने और वैश्यावृति में भी संलिप्त हो गया है.

लेकिन एक लंबी लड़ाई के बाद किन्नरों को एक अलग पहचान मिली है. 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी राज्यों को किन्नरों को मुख्यधारा में लाने का फरमान सुनाया था. किन्नरों के साथ साथ एसिड अटैक पीड़ितों को भी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण दिया जाएगा.

हरियाणा में किन्नरों की संख्या

हरियाणा में किन्नरों की बात करें तों शहरी क्षेत्र में 2011 के सामाजिक आर्थिक जनगणना के अनुसार जहां कुल आबादी 75 लाख 95 हजार 223 थी. वहीं कुल पुरुषों की संख्या 40 लाख 53 हजार 801 महिलाओं की संख्या 35 लाख 39 हजार 418 थी लेकिन अगर किन्नरों की बात करें तो यह आंकड़ा महज 288 था. सबसे ज्यादा 66 किन्नर फरीदाबाद जबकि 47 किन्नर गुरुग्राम शहर में थे, लेकिन इनकी स्थिती बेहद दयनीय थी.

ग्रामीण इलाकों में किन्नरों की संख्या और भी कम

ग्रामीण ईलाकों में किन्नरों की संख्या और भी कम है. क्योंकि किन्नर आमतौर पर शहरों की ओर ही पलायन कर जाते हैं. हालांकि धीरे धीरे किन्नर सामाजिक रुपर से जागरुक हो रहे हैं और परंपराओं को तोड़ते हुए उच्च शिक्षा ग्रहण कर बड़े बड़े पदों पर भी आसीन हो रहे हैं. ऐसे कुछ किन्नरो से हमारी मुलाकात पंजाब विश्विद्यालय में हुई यहां विश्विद्यालय के पहले किन्नर छात्र धनंजय और एक अन्य छात्र प्रीत से हमारी मुलाकात हुई.

हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन जस्टिस एसएन अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग ने किन्नरो कें सामजिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सरकार से किन्नरों को आरक्षण देने की सिफारिश करने का फैसला किया है. इसके लिए जल्द ही जरुरी आंकड़े जुटाए जाएंगे. और सिर्फ किन्नर ही नहीं आयोग ऐसिड अटैक पीड़ीतों और कूड़ा उठानेवालों को भी आरक्षण के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है.

अगर आयोग का प्रयास सफल हुआ तो हरियाणा में पहली बार आरक्षण का लाभ जातिगत के बजाय सामाजिक और आर्थिक आधार पर मिलेगा. हालांकि अगर किन्नरों की बात करें तो छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु सरकार पहले ही इस आधार पर आरक्षण का लाभ दे चुकी है और अब हरियाणा में भी किन्नरों को आरक्षण का लाभ मिलने जा रहा है.

(मनोज कुमार की न्यूज 18 के लिए रिपोर्ट)

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