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विदेशी वैज्ञानिकों ने रामसेतु पर लगाई मुहर, बताया शानदार उपलब्धि

इसमें यह बात सामने आई है कि सेतु निर्माण में लाए गए पत्थर करीब 7 हजार साल पुराना है वहीं इसमें इस्तेमाल हुआ पत्थर महज चार हजार साल पुराना है

FP Staff Updated On: Dec 12, 2017 11:12 PM IST

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विदेशी वैज्ञानिकों ने रामसेतु पर लगाई मुहर, बताया शानदार उपलब्धि

भले ही भारत में इस बात का विरोध हो या लोग न माने की रामसेतु सच में था लेकिन विदेश के भूगर्भ वैज्ञानिकों और आर्कियोलाजिस्ट की टीम ने सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों, सेतु का स्थल, पत्थरों और बालू का अध्ययन करने के बाद यह बताया है कि रामसेतु के निर्माण के संकेत मिलते है. इससे जाहिर होता है कि वह था. वैज्ञानिकों ने इसे एक शानदार मानव उपलब्धि करार दिया है.

रिसर्च करने वाली टीम के मुताबिक भारत-श्रीलंका के बीच स्थित यह 30 मील के क्षेत्र में बालू की चट्टानों से बना यह सेतु पूरी तरह से प्राकृतिक हैं. साथ ही टीम ने यह भी बताया कि उस पर रखे गए पत्थर कहीं और से लाए प्रतीत होते हैं.

भूगर्भ वैज्ञानिकों ने नासा की तरफ से ली गई तस्वीर को प्राकृतिक बताया है. विश्लेषण में वो ये भी पाए कि 30 मिल लंबी यह श्रृंखला मानव निर्मित है. इसमें यह बात सामने आई है कि सेतु निर्माण में लाए गए पत्थर करीब 7 हजार साल पुराना है वहीं इसमें इस्तेमाल हुआ पत्थर महज चार हजार साल पुराना है.

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