S M L

महादेवी वर्मा को मिला हाउस टैक्स नोटिस, AMC ने पेश होने के लिए कहा

पद्मश्री अवॉर्डी कवियित्री महादेवी वर्मा का निधन 1987 में ही हो चुका है. वो अपना ये घर और अपनी बाकी संपत्ति साहित्य सहकार न्यास ट्रस्ट को दान में दे चुकी थीं

Updated On: Feb 08, 2018 12:46 PM IST

FP Staff

0
महादेवी वर्मा को मिला हाउस टैक्स नोटिस, AMC ने पेश होने के लिए कहा

हिंदी साहित्य की जानी मानी कवियित्री महादेवी वर्मा को इस दुनिया से गुजरे हुए 30 साल हो गए हैं लेकिन लगता है कि इलाहाबाद नगर निगम को ये नहीं पता है, वर्ना वो उन्हें हाउस टैक्स का नोटिस भेजने से पहले एक बार ये पता लगाने की जहमत जरूर उठाते.

न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इलाहाबाद नगर निगम ने महादेवी वर्मा को 44,816 रुपए का हाउस टैक्स का नोटिस भेजा है. यहां तक कि निगम ने उन्हें बकायदा पेश होने के लिए भी कहा है.

ट्रस्ट को दे चुकी थीं घर

बता दें कि पद्मश्री अवॉर्डी कवियित्री महादेवी वर्मा का निधन 1987 में ही हो चुका है. निगम ने उन्हें उनके नवादा, अशोक नगर वाले घर के लिए नोटिस भेजा है. और दिलचस्प बात ये है कि वो अपना ये घर और अपनी बाकी संपत्ति साहित्य सहकार न्यास ट्रस्ट को दान में दे चुकी थीं. इस ट्रस्ट की स्थापना उन्होंने अपने निधन से 2 साल पहले की थी.

हालांकि, ट्र्स्ट की केयरटेकर रानी पांडेय का कहना है कि उनके पति ने 1998 में ही सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं और वो नोटिस मिलने से काफी हैरान हैं.

रानी ने कहा, 'मैं यहां काफी वक्त से रह रही हूं और मैंने महादेवी जी के साथ काम भी किया है. मेरे स्वर्गीय पति रामजी पांडेय ने 1998 तक हाउस टैक्स जमा किया था और इसके बाद हमें कोई बिल नहीं मिला. अब हमें महादेवी जी के नाम पर हाउस टैक्स भेजा गया है, जो काफी हैरान करने वाला है.'

परिवार का अलग है दावा

रानी पांडेय के बड़े बेटे ब्रिजेश पांडेय ने कहा, 'हमें बहुत हैरानी हुई कि निगम ने महादेवी जी को पेश होने के लिए कहा है. ऐसा कैसे हो सकता है उनका निधन 30 साल पहले हो चुका है. मेरे पिता ने सारी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं. उन्होंने निगम में एप्लीकेशन भी जमा किया था. तबसे हमें लगता था कि सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और हमें हाउस टैक्स जमा करने की जरूरत नहीं है.'

रानी पांडेय के बड़े बेटे ब्रिजेश पांडेय ने दावा किया है कि उनके पिता ने इलाहाबाद नगर निगम के पास एक एप्लीकेशन जमा करते हुए जानकारी दी थी कि अब ये घर को ट्रस्ट को दान में दे दिया गया है. उन्होंने निगम से मालिकाना हस्तांतरण के लिए जरूरी कार्रवाई करने का निवेदन भी किया था.

लेकिन नगर निगम का कुछ और ही कहना है. निगम ने दावा किया है कि इस घर में रह रहे लोगों ने कभी कोई एप्लीकेशन जमा ही नहीं किया है.

मुख्य चीफ टैक्स असेसमेंट ऑफिसर पीके मिश्रा ने कहा, 'हमारे रिकॉर्ड के मुताबिक, महादेवी वर्मा अभी भी उस मकान की मालिक हैं और इसलिए हमने उन्हें नोटिस भेजा. अभी जो लोग मकान में रह रहे हैं, उन्होंने कभी कोई एप्लीकेशन जमा नहीं किया है. अगर वो अब भी अप्लाई करेंगे तो हम इसे असेंबली में रखेंगे जो उन्हें हाउस टैक्स से मुक्ति दिला सकती है.'

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi