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इलाहाबाद के बाद अब शिमला का नंबर, 'श्यामला' नाम रखने की तैयारी में हिमाचल सरकार!

हिंदूवादी संगठनों की ओर से ब्रिटिश साम्राज्य की निशानियों को दूर करने के अभियान में अब शिमला का नाम बदलने की मांग उठाई जा रही है

Updated On: Oct 20, 2018 06:30 PM IST

FP Staff

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इलाहाबाद के बाद अब शिमला का नंबर, 'श्यामला' नाम रखने की तैयारी में हिमाचल सरकार!
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अभी इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने की गूंज कम भी नहीं हुई है कि एक और मशहूर शहर का नाम बदलने की आहट सुनाई दे रही है. खबर है कि हिमाचल प्रदेश की बीजेपी सरकार शिमला का नाम बदलने का विचार कर रही है.

हिंदूवादी संगठनों की ओर से ब्रिटिश साम्राज्य की निशानियों को दूर करने के अभियान में अब शिमला का नाम बदलने की मांग उठाई जा रही है. कहा जा रहा है कि सरकार शिमला का नाम श्यामला रखने पर विचार कर रही है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को दशहरा उत्सव के दौरान जाखू मंदिर पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि 'अंग्रेजों के आने से पहले शिमला श्यामला नाम से जाना जाता था. मेरी सरकार इस मांग पर लोगों के विचार मांगेगी ताकि नाम बदलने पर फैसला लिया जा सके.'

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि अंगेजों के जमाने में भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिमला और ब्रिटिश निशानियों से जुड़े जगहों के नाम बदलने में कोई नुकसान नहीं है.

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद काफी लंबे वक्त से शिमला का नाम बदलवाने की जुगत में है. 2016 में उसकी मांग को तत्कालीन वीरभद्र सिंह की सरकार ने ये कहकर खारिज कर दिया था कि शिमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना जाने वाला टूरिस्ट डेस्टिनेशन है.

वीएचपी के स्टेट प्रेसिडेंट अमन पुरी का कहना है कि चूंकि अंग्रेज श्यामला का उच्चारण नहीं कर पाते थे, इसलिए उन्होंने इसको शिमला बुलाना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा, 'गुलामी शारीरिक, मानसिक या सांस्कृतिक किसी भी तरह की हो सकती है. अंग्रेजों के दिए गए नामों से चिपके रहना मानसिक गुलामी है. शहरों के नाम बदलना छोटा लेकिन अहम कदम है. देश में कई जगहों पर ब्रिटिश राज के निशानों को हटाया गया है लेकिन शिमला में अभी तक कई ऐसे नाम हैं.'

इसके अलावा शिमला में कई जगहों के नाम भी बदलवाने की बात कही गई है. यहां के टूरिज्म डिपार्टमेंट की ओर से चलाए जाने वाले होटल पीटरहॉफ का नाम वाल्मीकि के नाम पर, डलहौजी का नाम सुभाष चंद्र बोस के नाम पर, नूरपुर का नाम 1857 के स्वतंत्रता सेनानी राम सिंह पटनिया के नाम पर रखने की मांग की जाती रही है.

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