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नास्तिकों से औसतन चार साल ज्यादा जीते हैं धार्मिक प्रवृत्ति के लोग: अध्ययन

इस अध्ययन से यह भी पता चलता है कि धार्मिकता का प्रभाव दीर्धायु होने के मामले में लोगों के व्यक्तित्व और वो जहां रहते हैं वहां के धार्मिक माहौल पर भी निर्भर करता है

Bhasha Updated On: Jun 14, 2018 04:27 PM IST

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नास्तिकों से औसतन चार साल ज्यादा जीते हैं धार्मिक प्रवृत्ति के लोग: अध्ययन

अमेरिका में एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि नास्तिक लोगों की तुलना में धार्मिक प्रवृत्ति के लोग औसतन चार साल ज्यादा जीते हैं. अमेरिका में मृतकों के लिंग और वैवाहिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक हजार से अधिक लोगों के विश्लेषण में यह बात सामने आई.

अमेरिका के ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी की डॉक्टरेट की छात्रा लौरा वॉलेस ने कहा कि धार्मिक जुड़ाव का लिंग की तरह ही दीर्घायु से सीधा संबंध है. धार्मिक प्रवृत्ति से जीवनकाल में कुछ वर्ष की बढोत्तरी होती है.

‘सोशल साइकोलॉजिकल एंड पर्सनैलिटी साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि दीर्घायु होने का एक कारण इस तथ्य से भी जुड़ता है कि धार्मिक प्रवृत्ति के कई लोग सामाजिक संगठनों से जुड़े होते हैं और सामाजिक कार्य करते हैं.

ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बाल्डविन वे ने कहा कि इस अध्ययन से मिले साक्ष्य से पता चलता है कि धार्मिक भागिदारी और एक व्यक्ति के लंबे जीवन के बीच संबंध है. वे के मुताबिक, इस अध्ययन से यह भी पता चलता है कि धार्मिकता का प्रभाव दीर्धायु होने के मामले में लोगों के व्यक्तित्व और वो जहां रहते हैं वहां के धार्मिक माहौल पर भी निर्भर करता है.

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