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रिलायंस धीरूभाई के आदर्शों, सपनों और सिद्धांतों पर चलती रहेगी: मुकेश अंबानी

रिलायंस की 40वीं वर्षगांठ पर मुकेश अंबानी ने अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ धीरूभाई को श्रद्धांजलि दी

FP Staff Updated On: Dec 23, 2017 10:32 PM IST

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रिलायंस धीरूभाई के आदर्शों, सपनों और सिद्धांतों पर चलती रहेगी: मुकेश अंबानी

रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने समूह के 40 साल हो जाने के मौके पर संस्थापक धीरूभाई अंबानी को श्रद्धांजलि दी. लॉर्ड्स के क्रिकेट स्टेडियम से भी बड़ी जगह पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे सितारों ने शिरकत की. इस कार्यक्रम का विश्व भर में 1200 जगहों पर लाइव प्रसारण किया गया.

इस मौके पर मुकेश अंबानी ने अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ धीरूभाई को श्रद्धांजलि दी. रिलायंस कॉर्पोरेट पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में धीरूभाई की जयंती भी मनाई गई जो 28 दिसंबर को आने वाली है.

मुकेश अंबानी ने इस मौके पर कहा कि कंपनी धीरूभाई के आदर्शों, सपनों और सिद्धांतों पर चलती रहेगी. हम रिलायंस द्वारा अर्जित सारी उपलब्धियां धीरूभाई को समर्पित करते हैं.

उन्होंने कहा, 'मेरे पिता कालजयी इतिहासपुरुष हैं और वह हर पीढ़ियों के भारतीयों के लिए आदर्श औप प्रेरणास्रोत हैं. हम उनके सपनों के प्रति समर्पित रहेंगे. यह धीरूभाई के कारण ही संभव हुआ कि रिलायंस एक कर्मचारी से बढ़कर ढाई लाख से अधिक कर्मचारियों की, एक हजार रुपए से छह लाख करोड़ रुपए से अधिक की और एकमात्र शहर से 28 हजार शहरों और चार लाख से अधिक गांवों की कंपनी बन सकी है.

मुकेश अंबानी ने कहा, रिलायंस एक व्यक्ति के विज़न का नतीजा है, कि एक छोटा सा सपना कैसे साम्राज्य बन गया. पिछले 40 साल में हमने जितनी तरक्की की है वह उन्हीं की बदौलत है. रिलायंस उनके मजबूत कंधों पर खड़ा है.

कुछ ऐसे शुरू हुआ सफर

28 दिसंबर 1932 में गुजरात के जूनागढ़ जिले के चोरवाड़ गांव में जन्मे धीरूभाई का सपना छोटा नहीं था. आर्थिक तंगी की वजह से उन्होंने हाईस्कूल की अपनी पढ़ाई छोड़ी और पकोड़े बेचने लगे. ये उनका पहला व्यवसाय बना.

रिलायंस की स्थापना

यमन के अदन शहर में उन्‍होंने 300 रुपए महीने पर A.Besse and Co. में गैस स्‍टेशन अटेंडेंट का काम करना शुरू किया. आठ साल वहां गुजारने के बाद 1958 में यमन से 500 रुपए की पूंजी के साथ लौटे और अपने कजिन चंपकलाल दमानी के साथ एक टेक्‍सटाइल ट्रेडिंग कंपनी मार्जिन की शुरुआत की. उसके बाद 1960 में उन्होंने रिलायंस की स्‍थापना की.

आज है देश की सबसे बड़ी कंपनी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) आज देश की सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है. इसका मार्केट कैप यानी बाजार पूंजीकरण इस समय 581,732.30 करोड़ रुपए है. इस मामले में यह देश की सबसे बड़ी कंपनी है. रिलायंस इंडस्ट्रीज हाइड्रोकार्बन एक्‍सप्‍लोरेशन एंड प्रोडक्‍शन, पेट्रोलियम रीफाइनिंग एंड मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्‍स, रिटेल और हाई-स्‍पीड डिजिटल सर्विस बिजनेस की सबसे बड़ी प्‍लेयर बन चुकी है.

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