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सरकार ने अगवा लोगों के परिवारों को झूठी उम्मीद क्यों दी थी?

इराक में मारे गए भारतीयों के मामले पर शशि थरूर ने कहा कि सरकार ने जिस तरह से परिवार वालों को ऊंचे उम्मीदों में बांध रखा था, वह गलत था

Updated On: Mar 20, 2018 01:30 PM IST

FP Staff

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सरकार ने अगवा लोगों के परिवारों को झूठी उम्मीद क्यों दी थी?

आईएस आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए 39 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हो गई है. सुषमा स्वराज ने देश के उच्च सदन को बताया कि 3 साल पहले जिन भारतीयों को आईएस ने अगवा कर लिया था उनकी हत्या कर दी गई है. इन सभी भारतीय नागरिकों को आईएस के आतंकियों ने इराक के मोसुल से 2014 में अगवा किया था.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार को ही इराक ने भारत से इस बात की पुष्टि की है. उनके बयान के बाद अलग-अलग नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी.

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह सभी भारतीयों के लिए दुखदायी है, बाकी मैं पूछना चाहता हूं कि इस बात की जानकारी देने में सरकार को इतनी देरी क्यों हुई. उन्हें बताना चाहिए था कि यह कैसे हुआ और उनकी मृत्यु कैसे हुई. उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तरह से इन भारतीयों के परिवार वालों को ऊंची उम्मीदों से बांध रखा था वह गलत था.

इसी मामले पर बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमें इसकी उम्मीद थी. इसकी घोषणा पहले ही कर देनी चाहिए थी. यह बहुत पहले से मालूम था.

जिन 39 भारतीय नागरिकों की मोसुल में हत्या हुई है उनमें से एक मनजिंदर सिंह की बहन गुरपिंदर कौर ने कहा कि विदेश मंत्री हमें पिछले चार साल से कह रही थी कि वे लोग जिंदा है. अब हम किस बात पर विश्वास करें. उन्होंने कहा कि हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. मैं उनसे बात करने के लिए इंतजार कर रही हूं. हमने संसद में उनके बयान को सुना.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस की संवेदनाएं इराक में मारे गए मृतकों के परिजनों के साथ है. हम इस दुख की घड़ी में उनके साथ है. उन्होंने सरकार से मांग की कि परिजनों को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाए और सरकार की तरफ से नौकरी की भी व्यवस्था हो.

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