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आरबीआई का 'इस्लामिक विंडो' खोलने का प्रस्ताव

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों में ‘इस्‍लामिक विंडो’ खोलने का प्रस्ताव पेश किया.

Updated On: Nov 20, 2016 08:10 PM IST

FP Staff

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आरबीआई का 'इस्लामिक विंडो' खोलने का प्रस्ताव

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों में ‘इस्‍लामिक विंडो’ खोलने का प्रस्ताव पेश किया है. आरबीआई का मकसद देश में शरिया के मुताबिक ब्याज मुक्त बैंकिंग की शुरुआत करने की योजना है.

लंबे समय से केंद्र और आरबीआई इस्लामिक बैंकिंग की संभावनाएं तलाश रहे थे. ताकि धार्मिक कारणों से बैंकिंग सेवाओं से दूर रहने वाले लोगों को इस दायरे में लाया जा सके.

शुरुआत में परंपरागत बैंकिंग उत्‍पाद इस्लामिक विंडो के जरिए पेश किए जाएंगे. बाद में दूसरे जटिल उत्पादों को लॉन्च किया जाएगा.

क्या है शरिया बैंकिंग

शरिया बैंकिंग एक ऐसा फाइनेंशियल सिस्टम है, जिसमें ब्याज नहीं वसूला जाता है. इस्लाम में ब्याज वसूलने पर मनाही है. आरबीआई ने शरिया बैंकिंग के मामले में फाइनेंस मिनिस्ट्री को एक लेटर भेजा है. आरबीआई ने इस संबंध में एक टेक्निकल एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की है जो फाइनेस मिनिस्ट्री को भेजी है.

आरबीआई ने इस लेटर में कहा है, 'अगर सुझाव के अनुसार, भारत में इस्‍लामिक बैंकिंग शुरू करने का फैसला होता है, तो बैंकों द्वारा ऐसे उत्‍पाद पेश करने से पहले आरबीआई को एक मैकेनिज्म तैयार करना होगा.'

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