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प्रद्युम्न हत्याकांड: आरोपी छात्र को हो सकती है उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा

आरोपी छात्र को 20 दिसंबर को जुविनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा. जेजे बोर्ड के सामने एक बार फिर से बहस होगी कि आरोपी छात्र को बालिग की तरह देखा जाए या नाबालिग की तरह

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Dec 20, 2017 03:39 PM IST

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प्रद्युम्न हत्याकांड: आरोपी छात्र को हो सकती है उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न हत्याकांड में जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने बड़ा फैसला सुनाया है. जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी छात्र पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने का फैसला सुनाया है. गौरतलब है कि पिछले एक महीने से जेजे बोर्ड में आरोपी छात्र के बालिग और नाबालिग होने को लेकर बहस हो रही थी. आखिरकार जेजे बोर्ड ने सीबीआई और प्रद्युम्न के पिता की दलीलों को स्वीकार करते हुए यह बड़ा फैसला सुना दिया.

मंगलवार को ही गिरफ्तार छात्र का सीबीआई ने फिंगरप्रिंट हासिल किया था. सीबीआई की विशेष टीम मंगलवार को फिंगरप्रिंट लेने फरीदाबाद के बाल सुधार गृह पहुंची थी, जहां पर आरोपी छात्र को रखा गया है. जेजे बोर्ड ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि गिरफ्तार 16 वर्षीय आरोपी छात्र पर बालिग की तरह ही केस चलेगा. गिरफ्तार आरोपी छात्र को जेजे बोर्ड के फैसले के बाद बड़ा झटका लगा है. आरोपी छात्र पर अब अगर आरोप साबित हो जाता है तो उसे उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है.

सीबीआई को मिले इस अहम कामयाबी के बाद एक बार फिर से कयासों का दौर शुरू हो गया है कि प्रद्युम्न हत्याकांड की गुत्थी जल्द ही सुलझ जाएगी. मंगलवार को ही सीबीआई की एक टीम फरिदाबाद के बाल सुधार गृह में जा कर आरोपी छात्र का फिंगर प्रिंट हासिल किया था. सीबीआई और प्रद्युम्न के पिता के वकील सुशील टेकरीवाल ने इस मामले में जेजे बोर्ड के सामने कई अहम सुबूत पेश किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए आरोपी छात्र को बालिग मान लिया. आरोपी छात्र के वकील की सारी दलील को कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया.

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रायन इंटरनेशनल स्कूल की दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्मुयमन ठाकुर की स्कूल के ही टॉयलेट में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी

इस हत्याकांड के आरोपी छात्र के वकील ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि बालिग और नाबालिग होने के मामले में 20 दिसंबर को फैसला आ सकता है. आरोपी छात्र के वकील का कहना है कि हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि 20 दिसंबर को आने वाले फैसले में आरोपी छात्र नाबालिग साबित होगा.

आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में आरोपी छात्र की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था. 15 दिसंबर को जेजे बोर्ड ने कहा था कि आरोपी छात्र को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती.

आरोपी छात्र को बेहद ही क्रूर और आक्रमक करार दिया था

प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई के वकील ने आरोपी छात्र को बेहद ही क्रूर और आक्रमक करार दिया था, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

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बीते 8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल की दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की स्कूल के टॉयलेट में गला काटकर हत्या कर दी गई थी. हरियाणा पुलिस की एसआईटी ने इस मामले में आनन-फानन में स्कूल के ही एक बस कंडक्टर को गिरफ्तार किया था. लेकिन, बाद में 22 सितंबर, 2017 को यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया था. सीबीआई के हाथ में आते ही केस ने एक नया मोड़ ले लिया था. सीबीआई ने 7 नवंबर को स्कूल के ही 11वीं कक्षा के एक छात्र को इस केस में आरोपी बना कर सनसनी फैला दी थी.

सीबीआई के द्वारा छात्र की गिरफ्तारी ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी को पलट दिया था. बाद में हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक को कोर्ट ने जमानत दे दी.

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प्रद्युम्न मर्डर केस में हरियाणा पुलिस ने रायन इंटरनेशनल स्कूल के बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था

प्रद्युम्न मर्डर में कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने रायन इंटरनेशनल स्कूल के तीन ट्रस्टियों की अग्रिम जमानत बरकरार रखी थी. पिछले महीने ही रायन स्कूल के तीन ट्रस्टियों को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, जिसे प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था.

21 नवंबर को हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट ने रायन इंटरनेशनल स्कूल के मालिक पिंटो परिवार को जमानत दी थी. प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने हाईकोर्ट के इस फैसले को पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था. सीबीआई ने भी हाईकोर्ट में पिंटो परिवार के अग्रिम जमानत का विरोध किया था.

आरोपी छात्र पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जाना चाहिए

छात्र की गिरफ्तारी के बाद से ही सीबीआई की तरफ से नई दलील और आरोपी छात्र की तरफ से नए-नए हथकंडे अपनाने के बाद इस केस में कई नए मोड़ आए. अब सीबीआई इस कोशिश में लग गई है कि आरोपी छात्र पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जाना चाहिए.

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आपको बता दें कि हरियाणा पुलिस ने इस हत्याकांड में उस वक्त एक बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था. हरियाणा पुलिस की ओर से अशोक की गिरफ्तारी पर प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर का भी कहना था कि असली कातिल को बचाया जा रहा है. बाद में गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक ने भी हरियाणा पुलिस पर जबरदस्ती हत्या की बात कबूल करवाने का आरोप लगाया था.

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पिंटो परिवार को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के फैसले को प्रद्युम्न के पिता वरूण ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है

प्रद्युम्न मर्डर मिस्ट्री में गिरफ्तार आरोपी छात्र पर मुकदमा बालिग या नाबालिग की तरह चले, इस पर काफी दिनों से संशय बना हुआ था. दोनो पक्षों के साथ प्रद्युम्न के पिता भी इस उम्मीद में थे कि इस मसले पर फैसला जल्द आ जाए.

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