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दूसरी तिमाही में 7.1 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर तर्कसंगत: वित्त मंत्रालय

शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर जुलाई-सितंबर तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही जो तीन तिमाहियों में सबसे कम है

Updated On: Nov 30, 2018 10:26 PM IST

Bhasha

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दूसरी तिमाही में 7.1 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर तर्कसंगत: वित्त मंत्रालय

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले महीनों के दौरान तेल की ऊंची कीमत और रुपए की विनिमय दर में गिरावट को देखते हुए जुलाई-सितंबर तिमाही में 7.1 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर तर्कसंगत है.

हालांकि, आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर का आंकड़ा ‘निराशाजनक लगता’ है . लेकिन कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि का आंकड़ा बेहतर है. यह बताता है कि देश की वृद्धि दर दुनिया में अब भी ऊंची बनी हुई है.

गर्ग ने ट्विटर पर लिखा है, ‘वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत निराशाजनक लगती है. विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत और कृषि वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत रही जो ठीक ठाक रही. निर्माण क्षेत्र की वृद्धि 6.8 प्रतिशत और खनन क्षेत्र में 2.4 प्रतिशत की गिरावट मानसून महीनों के दौरान इन क्षेत्रों में गतिविधियों में कमी दिखाता है.'

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘दूसरी तिमाही में 7.1 प्रतिशत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर तर्कसंगत है. वृद्धि दर का यह आंकड़ा पहली तिमाही की वृद्धि के मुकाबले ऊंचे आधार से की गई तुलना पर आधारित है.’

जुलाई-सितंबर की तिमाही में तेल की ऊंची कीमत:

उसने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में तेल की ऊंची कीमत की चुनौती का सामना करना पड़ा. इससे आयात बिल अधिक रहा तथा रुपए की विनिमय दर में गिरावट रही.

मंत्रालय ने कहा, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था मौजूदा वैश्विक माहौल में भी उच्च वृद्धि दर को बनाए रखी है.’

शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर जुलाई-सितंबर तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही जो तीन तिमाहियों में सबसे कम है. चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून यानी पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही. इससे पिछली जनवरी-मार्च तिमाही में यह 7.7 प्रतिशत रही थी. पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्तूबर- दिसंबर में यह 7 प्रतिशत थी.

मंत्रालय के अनुसार जीडीपी अनुपात के रूप में सकल स्थिर पूंजी निर्माण पिछले साल की दूसरी तिमाही के मुकाबले करीब 1.3 प्रतिशत बढ़ा. दूसरी तिमाही में निर्यात में 13.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. आलोच्य तिमाही में सरकारी खपत में भी 12.7 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई.

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